स्वास्थ्य मंत्री पहुंचे किडनी की बीमारी से प्रभावित सुपेबेड़ा गांव, ग्रामीणों ने की शुद्ध पेयजल की मांग

ग्रामीणों ने कहा अब तक 105 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, सरकार बताती है 78 मौत, Villagers said that more than 105 people have died so far, the government says 78 deaths

स्वास्थ्य मंत्री पहुंचे किडनी की बीमारी से प्रभावित सुपेबेड़ा गांव, ग्रामीणों ने की शुद्ध पेयजल की मांग

रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने गरियाबंद जिले के सुपेबेड़ा गांव में मंगलवार को नए स्वास्थ्य केंद्र का भूमि पूजन किया। इसका निर्माण 61 लाख 96 हजार रुपयों से किया जाना है। स्वास्थ्य मंत्री ने गांव में किडनी की बीमारी से प्रभावित लोगों की समस्याएं सुनी और उनका हाल जाना। इस दौरान ग्रामीणों ने स्वास्थ्य मंत्री से शुद्ध पेयजल की व्यवस्था के लिए तेल नदी का पानी गांव तक पहुंचाने की मांग की। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने जल जीवन मिशन योजना के तहत प्रदेश के पूरे गांवों में आगामी तीन वर्ष के भीतर शुद्ध पेयजल व्यवस्था होने का आश्वासन दिया है।

स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने सुपेबेड़ा में संचालित वैकल्पिक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण भी किया। इसके साथ ही उन्होंने वहां उपलब्ध दवाइयों और अन्य सुविधाओं का अवलोकन कर प्रभारी चिकित्सक और स्टाफ को लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने सुपेबेड़ा में किडनी बीमारी से प्रभावित लोगों की समस्याएं सुनी और उनका हाल जाना। उन्होंने कहा कि शासन के प्रयास से स्थिति में सुधार आया है। प्रदेश के अन्य गांवों की भांति जल जीवन मिशन योजना के तहत सुपेबेड़ा में भी शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।

सुपेबेड़ा आते रहने का वादा भी कर गए
ग्रामीणों से बातचीत के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, वे सुपेबेड़ा में वर्तमान स्थिति देखने आया थे। स्थिति में सुधार के लिए सरकार पूरा ध्यान दे रही है। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि सुपेबेड़ा के लोगों का हाल जानने वे आने वाले दिनों में भी यहां आते रहेंगे।

दशकों से किडनी की बीमारी से जूझ रहा है गांव
सुपेबेड़ा गांव में किडनी की बीमारी से ग्रामीणों की मौत हो रही है। एक दशक से ग्रामीण उसका रिकॉर्ड रख रहे हैं। उनके मुताबिक अब तक 105 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। सरकार यह संख्या 78 बताती है। शुरूआती उपेक्षा के बाद सरकार जागी तो बीमारी की वजह तलाशने की कोशिश शुरू हुई।

बताया जाता है कि सुपेबेड़ा और आसपास के गांवों के पेयजल में भारी धातुएं हैं। उसकी वजह से किडनी खराब हो रही है। सरकार ने गांव में एक आॅर्सेनिक रिमूवल प्लांट लगा दिया। वह भी काम का नहीं निकला। 2019 में राज्यपाल अनुसूईया उइके और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव खुद गांव पहुंचे। हर तरह के सहयोग का वादा किया। तेल नदी से पेयजल की योजना बनी लेकिन यह वादा अब तक अधूरा है।