पंचायत चुनाव दो माह में नहीं कराए तो प्रदेशभर में शुरू करेंगे आंदोलन

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोमवार को भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रदेश में पंचायत चुनाव ओबीसी आरक्षण के साथ होने चाहिए। अगर मध्य प्रदेश की सरकार 2 महीने के भीतर परिसीमन, रोटेशन और ओबीसी आरक्षण के साथ ग्राम पंचायत चुनाव नहीं कराती तो कांग्रेस पार्टी जिला स्तर, ब्लॉक स्तर से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक आंदोलन करेगी ।

पंचायत चुनाव दो माह में नहीं कराए तो प्रदेशभर में शुरू करेंगे आंदोलन

पंचायत चुनाव को लेकर भाजपा-कांग्रेस आमने सामने,कमलनाथ ने कहा-

 भोपाल। मध्य प्रदेश में पंचायत चुनाव भले ही टल गए हों लेकिन भाजपा और कांग्रेस अभी भी इसको लेकर आमने-सामने हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोमवार को भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रदेश में पंचायत चुनाव ओबीसी आरक्षण के साथ होने चाहिए। मध्यप्रदेश में पिछले 7 साल से पंचायत के चुनाव नहीं हो पा रहे हैं, इसकी मुख्य वजह भारतीय जनता पार्टी सरकार की ओबीसी और आरक्षण विरोधी नीति है। आॅर्डिनेंस के जरिए शिवराज सरकार एक ऐसा काला कानून लेकर आई जिसमें न रोटेशन का पालन किया गया, न परिसीमन का और न आरक्षण का, इसी काले कानून की वजह से चुनाव रद्द हो गए। अगर मध्य प्रदेश की सरकार 2 महीने के भीतर परिसीमन, रोटेशन और ओबीसी आरक्षण के साथ ग्राम पंचायत चुनाव नहीं कराती तो कांग्रेस पार्टी जिला स्तर, ब्लॉक स्तर से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक आंदोलन करेगी ।

 कमल नाथ ने दावा किया है कि उत्तर प्रदेश के विस चुनाव में चौकाने वाले परिणाम आएंगे। पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी द्वारा चलाए गए अभियान लड़की हूं लड़ सकती हूं को सभी वर्गों का समर्थन मिल रहा है। पार्टी की वहां स्थिति मजबूत हुई है। मप्र के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर हमने तैयारी प्रारंभ कर दी है।

पंचायत चुनाव के मुद्दे पर एक सवाल के जवाब में कमलनाथ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ताओं ने परिसीमन और रोटेशन का मुद्दा उठाया था लेकिन जब कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर अपना फैसला सुनाया तो वहां मौजूद मप्र सरकार के वकीलों ने कोई आपत्ति नहीं की। सरकार को तुरंत उच्चम न्यायालय से अपने आदेश को रीकॉल करने का निवेदन करना चाहिए था, जो नहीं किया गया। अगले दिन ही सरकार को पुनर्विचार याचिका लगानी चाहिए थी जो नहीं लगाई गई। नाथ ने कहा कि यह तो संयोग है कि उस समय विधानसभा का सत्र चल रहा था, जहां कांग्रेस पार्टी स्थगन प्रस्ताव लेकर आई और उसके बाद सदन ने ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव कराए जाने के बारे में संकल्प पारित किया।

पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई कथित लापरवाही के मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में कमलनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा पूरे देश के मान सम्मान का विषय होती है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस विषय पर राजनीति करना चाहती है। पीएम की सुरक्षा की पूरी जांच होनी चाहिए,लेकिन उस पर राजनीति करना निंदनीय है।

पिछले 2 साल से ओबीसी स्कॉलरशिप का 1210 करोड़ बकाया 
कमलनाथ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का चरित्र पूरी तरह से ओबीसी विरोधी है। शिवराज सिंह चौहान 15 साल से मुख्यमंत्री हैं, भाजपा के तीन मुख्यमंत्री रह चुके हैं, लेकिन क्या कभी भाजपा ने ओबीसी को 27% आरक्षण देने का प्रस्ताव सदन में रखा। भाजपा सरकार एक कानून बता दे जो उसने ओबीसी के हित में बनाया हो। पिछले 2 साल से ओबीसी स्कॉलरशिप का 1210 करोड़ बकाया है।

 खरीफ 2020 के बाद से फसल बीमा का प्रीमियम जमा नहीं किया                
 ओलावृष्टि के सवाल पर कमलनाथ ने कहा कि सरकार को तत्काल किसानों को मुआवजा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि खरीफ 2020 के बाद से फसल बीमा का प्रीमियम जमा नहीं किया गया है। ऐसे में जब 2020 का बीमा अब तक नहीं मिला है तो 2022 में हुए ओला वृष्टि का पैसा 2024 में भी मिल जाए तो बड़ी बात है। 

पिछड़ा वर्ग कल्याण के कार्यक्रमों को पूरी ताकत से लागू करेंगे: शिवराज
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पिछड़ा वर्ग सहित प्रदेश में रहने वाले सभी वर्ग के नागरिकों का कल्याण राज्य सरकार का उद्देश्य है। इस दिशा में समस्त बाधाओं को समाप्त कर लोगों केविकास के आवश्यक कदम निरंतर उठाए जाएंगे। पिछड़ा वर्गों को प्रतिनिधित्व सहित उनके अधिकार से जुड़े सभी कार्यों में लाभान्वित करने के प्रयास होंगे। इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार कृतसंकल्पित है। मुख्यमंत्री चौहान  निवास पर विभिन्न पिछड़ा वर्ग संगठनों द्वारा किए गए उनके अभिनंदन के उत्तर में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आवश्यक कानूनी प्रावधानों के साथ पिछड़ा वर्ग के हित में निकायों में आरक्षण सहित अन्य सभी कल्याणकारी कार्यक्रमों को पूरी ताकत से लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री चौहान का पिछड़ा वर्ग के मंत्री, सांसद और विधायकों की उपस्थिति में विभिन्न संगठनों ने पुष्पहार और अभिनंदन-पत्र के साथ सम्मान किया। सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  के नेतृत्व में पिछड़ा वर्ग को पर्याप्त प्रतिनिधित्व के साथ ही योजनाओं से लाभान्वित करने का कार्य चल रहा है। मध्यप्रदेश इस क्षेत्र में अग्रणी है। जनजातीय विकास के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश की पहल राष्ट्रीय स्तर पर सराही गई है। जिलों में संगोष्ठियां आयोजित कर पिछड़ा वर्ग कल्याण के प्रयासों की जानकारी जनता तक पहुंचाई गई है। शर्मा ने न्यायालय स्तर पर पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग को आरक्षण से संबंधित की गई कार्यवाही की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन  कविता पाटीदार ने किया। पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष गौरीशंकर बिसेन, मंत्री कमल पटेल, रामखेलावन पटेल, डॉ. मोहन यादव, सांसद शंकर लालवानी, विधायक श्रीमती कृष्णा गौर,  लता वानखेड़े, पूर्व मंत्री  ललिता यादव, महेन्द्र हार्डिया, पिछड़ा वर्ग संगठनों से जुड़े कुशवाह उपस्थित थे।