कमलनाथ को पसंद आया भाजपा संगठन का काम

मध्य प्रदेश में होने वाले नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव को लेकर कांग्रेस ने भी कमर कस ली है। पार्टी लगातार चुनाव को लेकर मंथन में जुटी हुई है। कांग्रेस कार्यालय में पार्टी ने पंचायत प्रकोष्ठ का प्रादेशिक सम्मेलन किया, जिसमें पूर्व सीएम कमलनाथ सहित पार्टी के सभी दिग्गज नेता जुटे। '

कमलनाथ को पसंद आया भाजपा संगठन का काम

भोपाल

मध्य प्रदेश में होने वाले नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव को लेकर कांग्रेस ने भी कमर कस ली है। पार्टी लगातार चुनाव को लेकर मंथन में जुटी हुई है। कांग्रेस कार्यालय में पार्टी ने पंचायत प्रकोष्ठ का प्रादेशिक सम्मेलन किया, जिसमें पूर्व सीएम कमलनाथ सहित पार्टी के सभी दिग्गज नेता जुटे। 'इस दौरान कमलनाथ ने कार्यकर्ताओं को नसीहत भी दी। उन्होंने कहा कि ''आप बोलने का इंतजार करते हो, लेकिन बीजेपी के कार्यकर्ता बिना बोले काम करता है। विधायक और नेता मेरे लिए बड़ी-बड़ी माला लाते हैं, लेकिन खुद का वार्ड हार जाते हैं। इसलिए अब हमें एक-एक मतदाता तक पहुंचना है। तभी पार्टी को जीत मिल पाएगी।'' वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भाजपा से सीखने की नसीहत भी दी। 

इस दौरान कमलनाथ ने पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया। ''पंचायत चुनाव को लेकर हम कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। क्योंकि पिछड़ा वर्ग के साथ अन्याय हुआ है। पिछले तीन महीने में सुप्रीम कोर्ट के सामने बीजेपी की सरकार ने सही आंकड़े पेश नहीं किए, जिसके चलते ओबीसी वर्ग को उचित आरक्षण नहीं मिल पा रहा है। इसलिए वह कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे।'

एसडीएम को धारा 40 का अधिकार देना मेरे कार्यकाल की बड़ी गलती
कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश कांग्रेस पंचायती राज संस्था प्रकोष्ठ के प्रदेश स्तरीय सम्मेलन पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा-जिले में बैठा अधिकारी गांव पर नियंत्रण नहीं कर सकता। इसलिए हमने ग्रामसभा के लिए कानून बनाया, ग्राम समितियां बनाई। निर्णय लेने का अधिकार जनप्रतिनिधियों को दिए, लेकिन आज सारा पंचायती राज शासकीय अधिकारी तंत्र से चल रहा है। दिग्विजय ने कहा कि मेरे कार्यकाल में एक कमी जरूर रह गई। धारा 40 के अधिकार एसडीएम को देकर बहुत बड़ी गलती कर दी। चुने हुए जनप्रतिनिधियों या वकीलों का ही ट्रिब्यूनल बनाना चाहिए, जो निष्पक्षता से काम करें। क्योंकि जिसने एसडीएम साहब की बात नहीं मानी उस पर धारा 144 की कार्रवाई हो जाती है। हमारी सरकार बनने पर इसमें बदलाव करेंगे। 

इस दौरान कमलनाथ ने बीजेपी पर भी जमकर निशाना साधा, उन्होंने कहा कि बीजेपी की वजह से ओबीसी को सही आरक्षण नहीं मिल पा रहा है, वहीं राजस्थान में हो रहे बीजेपी की चिंतन शिविर को लेकर कमलनाथ ने कहा कि बीजेपी को चिंतन की जरूरत है, इनको चिंता करनी भी चाहिए। बता दें कि प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस के पंचायत प्रकोष्ठ का सम्मेलन आयोजित किया गया था, इस कार्यक्रम में पार्टी के तमाम दिग्गज नेता पहुंचे, जिनमें कमलनाथ के साथ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। जहां सभी ने कार्यकर्ताओं को चुनाव के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए।

कांग्रेस का आरोप : भाजपा में शामिल होने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर बनाया जा रहा दबाव
कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर झूठे प्रकरण दर्ज कर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। पन्न् जिले की अजयगढ़ जनपद पंचायत के अध्यक्ष भरत मिलन पांडे पर भाजपा में शामिल होने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्हें चुना हुआ जनप्रतिनिधि होने के कारण प्रशासकीय समिति के प्रधान पद से हटा दिया। विधिवत ट्रांजिट परमिट होने के बाद भी उनके डंपर से परिवहन की जा रही गिट्टी को अवैध करार देते हुए अर्थदंड लगा दिया गया। यह आरोप प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री केके मिश्रा और पांडे ने शुक्रवार को लगाया।

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकारवार्ता ने मिश्रा और पांडे ने प्रकरण से जुड़े पूरे दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि उनके नाम पर एक डंपर है। यह उत्तर प्रदेश की सड़क निर्माण कंपनी रतन बिल्डर्स को किराए पर दिया गया है। टाई क्रेशर पन्ना से यह गिट्टी भरकर भटारी जा रहा था तो अवैध खनिज परिवहन का प्रकरण बनाकर अमानगंज थाने में खड़ा कर लिया गया। जबकि, विधिवत अनुमति लेकर गिट्टी का परिवहन किया जा रहा था। गिट्टी की जगह मिट्टी का अवैध रूप से परिवहन करने पर 42 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगा दिया गया। जनपद अध्यक्ष के नाते जो अधिकार मिले थे, उसे छीनने के साथ पद से भी हटा दिया। जबकि, 11 दिसंबर 2020 को प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट द्वारा दोषमुक्त किया जा चुका है। इस आदेश का पालन नहीं होने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की और वहां से राहत मिल गई। इसके बाद भी आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है।

मध्‍य प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के हिसाब से निकाय चुनाव लड़ेगी कांग्रेस
नगरीय निकाय और पंचायत के चुनाव कांग्रेस अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के हिसाब से लड़ेगी। बूथ, मंडलम और सेक्टर इकाइयां को सक्रिय किया जाएगा। प्रत्याशी चयन में भी इनकी राय ली जाएगी। बूथ प्रबंधन का काम युवा कांग्रेस की टीम संभालेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ ने कोर ग्रुप के साथ बैठक करके विधायक और पार्टी के सभी पदाधिकारियों को जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए हैं।

अगले साल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस तैयारियों में जुटी है। वचन पत्र बनाने से लेकर विभिन्न् समितियां गठित की जा चुकी हैं। बूथ, मंडलम और सेक्टर इकाई का गठन किया जा चुका है। पार्टी की मंशा है कि नगरीय निकाय और पंचायत के चुनाव में इन्हें सक्रिय करके विधानसभा चुनाव की तैयारी कराई जाए। युवा कांग्रेस भी इसी कार्ययोजना पर काम कर रही है। 18 हजार मतदान केंद्रों पर पांच-पांच युवाओं की टीम तैयार हो चुकी है। इन्हें बूथ प्रबंधन और मतदाता संपर्क कार्यक्रम का जिम्मा सौंपा जाएगा। इसी तरह महिला कांग्रेस, अनुसूचित जाति और जनजाति विभाग की टीमों को निकायवार जिम्मेदारी दी जाएगी।

प्रभारी महामंत्री से मांगी रिपोर्ट
युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डा. विक्रांत भूरिया ने बताया कि संगठन मैदानी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं को टिकट दिलाने का प्रयास करेगी। जिला स्तरीय चयन समिति में संगठन के जिला अध्यक्ष सदस्य हैं, वे युवाओं की बात को प्रमुखता से रखेंगे। वहीं, प्रभारी महामंत्रियों से भी ऐसे युवाओं की सूची मांगी है, जिन्हें चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है। इसके आधार पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ से चर्चा की जाएगी।