इमरान ने भारत को सराहा

रूस से तेल खरीद लोगों को राहत दी

इमरान ने भारत को सराहा

इस्लामाबाद । पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक बार फिर भारत की तारीफ की है। इमरान के मुताबिक, भारत ने एक बार फिर दिखा दिया है कि वो किसी के दबाव में नहीं झुकता। दुनिया में फ्यूल महंगा होता जा रहा है, इसके बावजूद भारत सरकार ने अपने नागरिकों को बहुत बड़ी राहत दी है। भारत क्वॉड का मेंबर है और इसके बावजूद वो रूस से सस्ता तेल खरीद रहा है। यह पहली बार नहीं है जब इमरान ने मोदी सरकार के फैसलों की तारीफ की हो। सत्ता जाने के बाद से इमरान कई रैलियों में भारत की आजाद फॉरेन पॉलिसी की तारीफ कर चुके हैं। खान ने यहां तक कहा है कि भारत भले ही हमारा दुश्मन मुल्क हो, लेकिन उसकी अच्छी नीतियों से सीख लेना चाहिए।

क्या कहा खान ने
केंद्र सरकार ने शनिवार को पेट्रोल पर 8 रुपए और डीजल पर 6 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी घटा दी। इससे पेट्रोल 9.50 रुपए और डीजल 7 रुपए प्रति लीटर सस्ता हो गया है। इसके बाद इमरान खान ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया। कहा- भारत क्वॉड का मेंबर है। उस पर अमेरिकी दबाव है। इसके बावजूद वो रूस से सस्ता तेल खरीद रहा है और इसके जरिए अपने नागरिकों को राहत दे रहा है। मेरी सरकार भी भारत की तर्ज पर इंडिपेंडेंट फॉरेन पॉलिसी चाहती थी और उस पर काम कर रही थी। आज जो सरकार है, वो फिजूल दावे करते घूम रही है। इकोनॉमी तबाह हो चुकी है।

पाकिस्तान ही अहम
खान ने आगे कहा- मेरी सरकार के लिए पाकिस्तान के हित ही सबसे अहम थे, लेकिन गद्दारों ने विदेशी ताकतों से मिलकर मेरी सरकार गिरा दी। अब वो यहां-वहां से मांगते फिर रहे हैं। वैसे खान यह बातें सत्ता जाने के बाद कर रहे हैं। इसके पहले वो भारत और प्रधानमंत्री मोदी को लेकर कड़वी बातें कहते रहे। खान को जब लगा कि सत्ता जाने वाली है तो कटऋ की शर्तों को दरकिनार करते हुए पेट्रोल पर 10 और डीजल पर 5 रुपए की राहत दी। इससे कर्ज का बोझ बढ़ गया। अब शाहबाज शरीफ चुनाव के पहले फ्यूल महंगा करने से बच रहे हैं। दूसरी तरफ, आईएफएम मदद देने के पहले पेट्रोल और डीजल 30 रुपए प्रति लीटर महंगा करने पर जोर रहा है। बिजली भी 10 रुपए प्रति यूनिट महंगी करने का दबाव है।

मरियम नवाज का जवाब
इमरान ने भारत की तारीफ की तो सत्तारूढ़ गठबंधन की नेता और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी मरियम ने खान पर तंज कसा। मरियम ने कहा- खान साहब आजकल भारत की तारीफ में कसीदे पढ़ रहे हैं। मैं उनसे बस इतना ही कहूंगी कि अगर उन्हें भारत इतना ही अच्छा लगता है तो फिर उन्हें वहीं चले जाना चाहिए।