शिवराज के निर्देश: एयर कार्गो प्रोजेक्ट मिशन मोड पर हो पूरा, नए निवेश से 50 हजार को रोजगार मिलने का अनुमान

रतलाम (Ratlam), देवास (Devas), पीथमपुर (Pithampur) के नए निवेश क्षेत्रों के साथ ही इंदौर-पीथमपुर इकनोमिक कॉरीडोर (Indore-Pithampur Economic Corridor) के क्रियान्वयन के फलस्वरूप 20 हजार से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्ति का अनुमान है। 

शिवराज के निर्देश: एयर कार्गो प्रोजेक्ट मिशन मोड पर हो पूरा, नए निवेश से 50 हजार को रोजगार मिलने का अनुमान

भोपाल।  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chouhan) ने बुधवार को औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस वर्ष नए निवेश प्रयासों से सात औद्योगिक पार्कों से 50 हजार से अधिक रोजगार (Employment) मिलना अनुमानित है। साथ ही और रतलाम (Ratlam), देवास (Devas), पीथमपुर (Pithampur) के नए निवेश क्षेत्रों के साथ ही इंदौर-पीथमपुर इकनोमिक कॉरीडोर (Indore-Pithampur Economic Corridor) के क्रियान्वयन के फलस्वरूप 20 हजार से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्ति का अनुमान है। 

सात औद्योगिक पार्कों में प्रस्तावित निवेश 32 हजार 900 करोड़ रुपए रहेगा। रतलाम, देवास, पीथमपुर की संयुक्त लागत लगभग पौने चार हजार करोड़ रुपए होगी। मुख्यमंत्री चौहान ने पीएम गति-शक्ति (PM gati-shakti) जैसे मॉडल कार्यक्रम क्रियान्वित करने के लिए विभिन्न अधो-संरचना विभागों को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए। बैठक में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राजधर्वन सिंह दत्तीगांव, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस सहित अधिकारी उपस्थित थे।

साथ ही सीएम ने औद्योगिक विकास (industrial development) के कार्यों को गति देने की भी बात कही। इंदौर-भोपाल के मध्य सोनकच्छ-आष्टा के बीच एयर कार्गो एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है। इसे मिशन मोड पर पूरा करने के लिए प्रयास हों। सीएम ने निर्देश दिए कि ऐसे प्रयास करें कि इस प्रोजेक्ट के कार्यों को इसी वर्ष आकार मिलना प्रारंभ हो जाए।

मुख्यमंत्री ने आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश में भारत सरकार से प्राप्त मेडिकल उपकरण (medical equipment) पार्क की स्वीकृति के बाद स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फार्मा विभाग भारत सरकार (Indian government) से मिली मंजूरी के बाद यह पार्क विक्रम उद्योगपुरी उज्जैन में विकसित किया जायेगा। इसी तरह होशंगाबाद जिले में मोहासा बाबई औद्योगिक क्षेत्र में बल्क ड्रग पार्क की स्थापना के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। 

प्रदेश में भविष्य की यातायात जरूरतों के लिए हब एंड स्पोक एयरपोर्ट मॉडल के रूप में विकसित करने की संभावनाओं का दोहन करने के निर्देश दिए। उड़ानों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए करीब 10 हजार हेक्टेयर में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रस्तावित है। एक जिला-एक उत्पाद योजना में 6 जिलों के उत्पाद ई-कॉमर्स प्लेटफार्म (e-commerce platform) पर बेचे जाने लगे हैं। इन उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर बेचने और प्रदेश के अन्य मुख्य उत्पादों के निर्यात के लिए भी प्रयास किए जाएं।  

नई नीतियों को मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में पूर्व में फार्मास्यूटिकल्स, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, गारमेंट और फूड प्रोसेसिंग नीतियाँ मंजूर हैं। इस वर्ष आक्सीजन और इथेनॉल उत्पादन की नीतियां  मंजूर की गई हैं। जिन पाँच नीतियों का मसौदा तैयार है उनमें उद्योग संवर्धन नीति 2022, इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण नीति, लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग नीति, राइस मिलिंग नीति और फार्मास्यूटिकल्स नीति शामिल है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि रक्षा क्षेत्र की इकाइयों के लिए नीति के प्रारूप को भी जल्द अंतिम रूप दिया जाए। जबलपुर को केन्द्र में रखकर इस क्षेत्र में नवीन निवेश लाने के प्रयास हों।