जिला प्रशासन ने बुरहानपुर-महाराष्ट्र सीमा को किया सील

मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले से लगी महाराष्ट्र की सीमा को सील कर दिया है। महाराष्ट्र से आने वाले हर शख्स की RT- PCR रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही उन्हें जिले में प्रवेश दिया जा रहा है।

जिला प्रशासन ने बुरहानपुर-महाराष्ट्र सीमा को किया सील
प्रतीकात्मक फोटो

मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले से लगी महाराष्ट्र की सीमा को सील कर दिया है। महाराष्ट्र से आने वाले हर शख्स की RT-PCR रिपोर्ट नेगेटिव आने पर ही उन्हें जिले में प्रवेश दिया जा रहा है। लेकिन, बसों में आने वाले यात्रियों RT-PCR जांच नहीं हो रही। इससे नाराज मिनी टेम्पो टाटा मैजिक संचालकों ने सड़क पर जाम लगा कर विरोध किया। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने टाटा मैजिक संचालको को समझाइश दी। इसके बाद मामला शांत हुआ। हालांकि, आम लोगों में जिला प्रशासन के प्रति नाराजगी देखने को मिली।  उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से सवाल किया कि बस में आने वाले यात्रियों का RT-PCR टेस्ट क्यों नहीं किया जा रहा। 

संक्रमण की रफ्तार करीब-करीब तीन गुना

जानकारों के मुताबिक, प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार फिलहाल बहुत तेज है। यह कोविड-19 की दूसरी लहर की अपेक्षा तीन गुने से ज्यादा है। दूसरी लहर में प्रदेश में कोरोना के केस करीब-करीब 14 दिनों में दोगुने दिखाई दे रहे थे, लेकिन तीसरी लहर में ये 3 दिन में दोगुना दिखाई दे रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या 18 हजार से ज्यादा है। 30% से ज्यादा केस अकेले इंदौर में हैं। यहां 7 दिन में 65 हजार से ज्यादा लोगों की कोरोना जांच हुई। इसमें से 5500 से ज्यादा संक्रमित मिले।