विधानसभा चुनाव में आयोग ने रैलियों में लगाई रोक तो भाजपा ने डिजिटल टीम को किया सक्रीय

भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने डिजिटल अभियान (digital campaign) को सक्रीय करने के लिए पूरी तरह तैयार है। जानकारी के अनुसार पार्टी सोशल मीडिया पर अपने अभियान की शुरुआत के लिए पूरी तरह से तैयार है।

विधानसभा चुनाव में आयोग ने रैलियों में लगाई रोक तो भाजपा ने डिजिटल टीम को किया सक्रीय

उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान हो चुका है। आयोग ने रैलियों पर रोक लगा दी है। इसी को धयान में रखते  हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपने डिजिटल अभियान (digital campaign) को सक्रीय करने के लिए पूरी तरह तैयार है। जानकारी के अनुसार पार्टी सोशल मीडिया पर अपने अभियान की शुरुआत के लिए पूरी तरह से तैयार है। पिछले छह महीनों में अपने 9,000 से अधिक सोशल मीडिया पदाधिकारियों के लिए कम से कम 85 बैठकें और कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं। अब बूथ स्तर पर बनाए गए एक लाख से अधिक व्हाट्सऐप ग्रुपों पर सामग्री का प्रसार तेज करने की योजना बना रही है। 100 से अधिक फेसबुक पेज विभिन्न जिलों में आउटरीच के लिए तैयार किए गए हैं।

सपा जवाब देगी 
समाजवादी पार्टी के अधिकारियों ने कहा कि पार्टी ने भाजपा के 'फ़र्क साफ है' का मुकाबला करने और कुशासन का प्रचार करने के लिए जिलेवार डिजिटल मीडिया आउटरीच शुरू कर दी है। दो पार्टियों के सोशल मीडिया कंटेंट की प्रारंभिक तुलना से पता चलता है कि पिछले तीन महीनों में एसपी के 7,500 की तुलना में बीजेपी के सोशल मीडिया पर 28,000 से अधिक पोस्ट हैं।

भाजपा लगातार मजबूत कर रही अपना डिजिटल कैंपेन (digital campaign)
कोरोना काल में अपने मतदाताओं तक पहुंचने के लिए बीजेपीअपने डिजिटल आउटरीच को लगातार मजबूत कर रही है। भाजपा ने 35 से अधिक समूह बनाए हैं जो शिक्षा, नौकरी, स्वास्थ्य, गरीबों के कल्याण, महिलाओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, छोटे व्यवसायों, सांस्कृतिक पहचान और तुष्टीकरण की राजनीति जैसे मुद्दों पर चर्चा करते हैं।

ओबीसी वर्ग के लिए विशेष व्हाट्सऐप ग्रुप
पार्टी ने कुर्मी, कोइरी, कश्यप, बंकर, गुर्जर और अन्य जैसे ओबीसी समुदायों के लिए विशिष्ट व्हाट्सऐप समूह भी बनाए हैं जिन्हें वह अपने पक्ष में लामबंद करना चाहती है। पार्टी के एक अन्य पदाधिकारी ने कहा, "हम हर समूह के लिए अलग सामग्री तैयार कर रहे हैं और उन्हें बूथ स्तर के व्हाट्सऐप ग्रुपों तक पहुंचाया जा रहा है। हमारे पदाधिकारियों को संबंधित शक्ति केंद्र द्वारा उन्हें आवंटित मतदाताओं के संपर्क में रहने के लिए प्रशिक्षित किया गया है।" पार्टी वर्चुअल रैलियों और डिजिटल आउटरीच में शिफ्ट होने के लिए पूरी तरह से तैयार है जैसा कि उसने बिहार चुनावों के दौरान किया था। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, जो उस समय बिहार के पार्टी प्रभारी थे, ने कहा था कि वर्चुअल रैलियों से लोगों को जाति और अन्य बाधाओं को दूर करने और केवल विकास के लिए वोट करने में मदद मिलती है।