हरियाणा में पुलिस चौकी पर पथराव, गाड़ियों में तोड़फोड़, 40 घायल

हरियाणा में पुलिस चौकी पर पथराव, गाड़ियों में तोड़फोड़, 40 घायल

अंबाला। किसान आंदोलन का आज 11वां दिन रहा। संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने दिल्ली कूच का फैसला 29 फरवरी तक टाल दिया है। किसान मजदूर मोर्चा के कोऑर्डिनेटर सरवण पंधेर ने शाम को खनौरी बॉर्डर पर मीडिया को यह जानकारी दी।

इसके पहले शुक्रवार को किसानों ने ब्लैक डे मनाया। शंभू बॉर्डर पर किसानों ने काले झंडे लहराए और काली पटि्टयां बांधी। हरियाणा पुलिस ने आंदोलन कर रहे किसान नेताओं के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई का फैसला वापस लिया।

इससे पहले, गुरुवार को अंबाला पुलिस ने कहा था कि प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई आंदोलनकारी किसान नेताओं से की जाएगी। इसके लिए उनकी संपत्ति कुर्क और बैंक खाते सीज किए जाएंगे।

पंजाब सरकार ने खनौरी बॉर्डर पर मरे बठिंडा के किसान शुभकरण के परिवार को 1 करोड़ मुआवजा और बहन को सरकारी नौकरी की घोषणा की। हालांकि परिवार और किसान नेता हत्या के आरोपियों पर FIR दर्ज होने तक शुभकरण का अंतिम संस्कार न करने पर अड़े हुए हैं।

दोपहर बाद हरियाणा के हिसार में पुलिस और किसानों के बीच टकराव हो गया। किसान खनौरी बॉर्डर पर पंजाब के किसानों के पास जाना चाहते थे। पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। किसानों ने पथराव किया। इस झड़प में 40 पुलिसकर्मी और किसान घायल हुए।

किसान आंदोलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हुई। जिसमें किसानों की मांगों पर विचार करने और उनको दिल्ली जाने देने की मांग की गई। 21 फरवरी को खनौरी बॉर्डर पर युवक शुभकरण की मौत के बाद किसानों ने दिल्ली मार्च को रोक दिया था।

किसान आंदोलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका

द सिख चैंबर ऑफ कॉमर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर अग्नोस्तोस थिओस की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में 4 मांगें की गई हैं।

  1. किसान जिन मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, सरकार उन पर विचार करे। किसानों के साथ सरकार उचित व्यवहार करे।
  2. प्रदर्शनकारी किसान दिल्ली जाकर प्रदर्शन करना चाहते हैं, यह उनका अधिकार है। उन्हें दिल्ली जाने और प्रदर्शन करने से रोका न जाए।
  3. पुलिस ने रास्ते में जो अवरोध बनाया है, उससे आम आदमी को समस्या हो रही है, उस अवरोध को हटाया जाए।
  4. प्रदर्शकारी किसानों पर पुलिस बल प्रयोग की जांच और पुलिस कार्रवाई में घायल और मारे गए किसान के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।