ग्रीष्माकलीन मूंग की खरीदी का कोटा बढ़ाने, खाद की ई-टोकन व्यवस्था को समाप्त करने और दस घंटे निर्बाध बिजली की आपूर्ति जैसी विभिन्न मांगों को लेकर भोपाल में डेरा जमाकर बैठे किसानों से बात कर समाधान निकालने का जिम्मा राज्य सरकार ने चार मंत्रियों को दिया है।
मध्य प्रदेश में मूंग की 100 फीसदी एमएसपी पर खरीद की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। भोपाल में डेरा डाले किसानों के बीच राज्य के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर खरीद सीमा बढ़ाने की मांग की है।
मध्यप्रदेश में मानसून अब लगभग सक्रिय हो चुका है। इस कारण कई जिलों में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। वहीं मौसम विभाग ने आठ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। दावा किया जा रहा है कि अगले 24 घंटे में 4 इंच से ज्यादा बारिश होगी।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, हाईटेक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। पीएम ई-बस सेवा के तहत सोमवार से शहर में यात्रियों के साथ इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल रन शुरू होने जा रहा है।
मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार तेज हो गई है। मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों तक 35 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी है। जानिए अपने जिले का हाल।
राजधानी में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में आ रही बेतहाशा बढ़ोतरी का दायरा अब बढ़ता ही जा रहा है। अयोध्या नगर के बाद अब कटारा हिल्स स्थित गौरी शंकर कौशल आवासीय परिसर से भी उपभोक्ताओं की भारी परेशानियां सामने आई हैं। स्मार्ट मीटर लगते ही आम नागरिकों का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है।
भोपाल गैस त्रासदी के पर्यावरणीय प्रभावों पर सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने यूनियन कार्बाइड संयंत्र के आसपास के क्षेत्रों में भूजल के अब भी दूषित होने की शिकायतों को बेहद गंभीरता से लिया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि वास्तविक स्थिति का सत्य केवल स्वतंत्र और वैज्ञानिक परीक्षण से ही सामने आ सकता है।
मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। राजधानी भोपाल सहित सीहोर और रायसेन में रात भर से लगातार बारिश का दौर जारी है। भोपाल में हालांकि बारिश हल्की है, लेकिन लगातार हो रही झमाझम से शहर के निचले इलाकों की बस्तियां जलमग्न हो गई हैं।
मध्य प्रदेश में पिछले 12 दिनों से व्यापक बारिश न होने से वर्षा का घाटा 16% तक पहुंच गया है। 39 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने कब तक राहत की उम्मीद जताई है।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से परिवार के साथ रतलाम लौट रहे शासकीय बाल चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष सिंह की रतलाम-इंदौर फोरलेन पर हुए भीषण सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसा रात करीब 3.30 बजे धराड़ के आगे टोल प्लाजा से पहले एक छोटी पुलिया के डिवाइडर पर हुआ। ड्राइवर को नींद में था।





















