भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया है। इस फेरबदल में स्मृति ईरानी, राम माधव और वसुंधरा राजे सिंधिया को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। जानिए किसे क्या पद मिला।
राजनीति में बिन बुलाए मेहमान तो सुने थे, लेकिन बिन बताए अध्यक्ष पहली बार देखने को मिल रहे हैं... मामला मध्य प्रदेश के अलीराजपुर का है, जहां भाजपा की अजब-गजब कार्यशैली ने एक नया ही राजनीतिक ड्रामा खड़ा कर दिया है। ढोल-नगाड़े बजते, इससे पहले ही दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया पर बम फोड़ दिया। दोनों ने साफ-साफ कह दिया- अरे भाई! हमसे तो पूछा ही नहीं... हम तो पक्के कांग्रेसी हैं, भाजपा का झंडा उठाने की हमारी कोई इच्छा नहीं है।
विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद दतिया भाजपा संगठन में सर्जरी की प्रक्रिया तेज हो गई है। जिला कार्यकारिणी भंग किए जाने के बाद अब नए जिलाध्यक्ष की कमान किसे सौंपी जाए, इसे लेकर भोपाल से लेकर दिल्ली तक मंथन जारी है। इस रेस में आशुतोष तिवारी और पूर्व विधायक व प्रदेश प्रवक्ता घनश्याम पिरोनिया के नाम सबसे आगे चल रहे हैं।
मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के कुशवाह समाज पर दिए गए 'गुलाटी' वाले बयान पर भारी विवाद और विरोध के बाद, उन्होंने पत्र जारी कर अपने शब्द वापस लिए और समाज से माफी मांगी।
दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस से मिली हार के बाद मध्य प्रदेश भाजपा ने त्वरित और सख्त एक्शन लिया है। उपचुनाव के नतीजों की समीक्षा बैठक के तुरंत बाद प्रदेश नेतृत्व ने दतिया जिला भाजपा संगठन की पूरी कार्यकारिणी के साथ-साथ सभी मोर्चों और प्रकोष्ठों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजों ने मध्य प्रदेश की सियासत में हलचल तेज कर दी है। एक तरफ जहां इस जीत से कांग्रेस का खेमा उत्साह से फूला नहीं समा रहा है। वहीं दूसरी तरफ भाजपा के भीतर भोपाल से लेकर दिल्ली तक खलबली मच गई है। चुनाव नतीजों के बाद नेताओं की बयानबाजी ने अंतरकलह के संकेत दे दिए हैं।
मध्य प्रदेश- बिहार और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर 30 जुलाई को हुए उपचुनावों की मतगणना जारी है। मध्य प्रदेश के दतिया और गुजरात के मंजलपुर में भाजपा उम्मीदवार आगे चल रहे हैं। हालांकि दतिया में भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 8253 मत मिले।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए मंगलवार को तय समय पर धुआंधार चुनाव प्रचार का शोर थम गया। अब पूरा चुनावी मुकाबला साइलेंट मोड में आ चुका है, जहां दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों- भाजपा-कांग्रेस का पूरा ध्यान घर-घर व्यक्तिगत संपर्क, जातीय समीकरण साधने और बूथ मैनेजमेंट पर केंद्रित हो गया है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस कदम को लेकर कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है।
दिल्ली में पीएम निवास के पास राहुल गांधी के प्रदर्शन के विरोध में भोपाल में भाजपाइयों ने कांग्रेस कार्यालय तक मार्च निकाला।






















