मध्य प्रदेश कांग्रेस में आंतरिक कलह तेज! निधि चतुर्वेदी ने दिग्विजय सिंह के बयानों और पार्टी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे चयनात्मक और भेदभावपूर्ण बताया है।
मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव आज सुबह विधानसभा पहुंचे। उन्होंने यहां प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व.कैलाश जोशी जी की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्पार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने इस अवसर पर कहा-प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी की जयंती पर उन्हें सादर नमन करता हूं।
मध्य प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव के बीच दतिया की सियासत में उस वक्त भूचाल आ गया, जब कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने से नाराज चल रहे वरिष्ठ नेता अवधेश नायक से मिलने खुद भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी उनके घर पहुंच गए। बीती देर रात हुई इस मुलाकात ने दतिया के सियासत में सुगबुगाहट तेज कर दी है।
दतिया में टिकट को लेकर उपजी नाराजगी थमने का नाम नहीं ले रही है। भाजपा में बढ़े टकराव के बाद कांग्रेस में भी कलह शुरू हो गई है। इसका नजारा कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन दाखिल करते समय साफ दिखा। इससे पार्टी के टेंशन बढ़ गई है।
मध्यप्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आज (सोमवार) का दिन बेहद सरगर्मियों भरा रहने वाला है। भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी और कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह आज अपने-अपने दल के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में नामांकन दाखिल करेंगे।
मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव ने अब बेहद दिलचस्प राजनीतिक मोड़ ले लिया है। भाजपा ने इस बार बड़ा राजनीतिक जोखिम उठाते हुए अपने वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा पर दोबारा दांव लगाने के बजाय नए चेहरे आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा है। इस फैसले ने न केवल दतिया बल्कि पूरे प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को ड्रग्स मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। नाना ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया, जबकि उन पर पहले भी कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले के कालापीपल में आज सीएम डॉ. मोहन यादव कालापीपल पहुंचे। इसके बाद मुख्यमंत्री का भव्य रोड शो शुरू हुआ। वहीं कृषि उपज मंडी प्रांगण में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने 30 करोड़ की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण -भूमिपूजन किया।
मध्यप्रदेश कांग्रेस में एक बार फिर कलह सामने आई है। हालांकि यह पहली बार नहीं है। इससे पहले भी पार्टी नेताओं के बीच गुटबाजी और खींचतान उजागर हो चुकी है। लेकिन इसके बाद भी नेतृत्व सबक नहीं ले रहा है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट से जारी समन को चुनौती देने वाली याचिका पर मंगलवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अधीनस्थ न्यायालय का रिकार्ड हाई कोर्ट के समक्ष पेश किया गया।






















