मध्य प्रदेश का स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों को पूरी तरह से कागज-रहित (पेपरलेस) बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है।
कॉमर्शियल सिलेंडर आज से 17 रुपए तक महंगा हो गया है। रविवार से मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आने पर नंबर के साथ कॉलर का असली नाम भी दिखेगा। टोल प्लाजा के 20 किमी के दायरे में रहने वाले वाहन मालिकों को 1 साल का लोकल फास्टैग पास मिलेगा।
केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। वहीं, डीजल और एटीएफ के निर्यात पर टैक्स बढ़ा दिया गया है। जानें क्या हैं नई दरें और इसके पीछे की वजह।
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार 3 नवंबर को बाजार से 4000 करोड़ रुपए का कर्ज लेगी। जानिए चालू वित्त वर्ष में राज्य की कुल उधारी, जीएसडीपी अनुपात, विकास परियोजनाओं पर खर्च और वित्तीय स्थिति से जुड़े सभी आंकड़े।
मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के 12 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 2% की बढ़ोतरी की है। पढ़ें कब से लागू होगा बढ़ा हुआ भत्ता और एरियर के भुगतान का पूरा शेड्यूल।
मध्यप्रदेश सरकार ने दीवाली के खास अवसर पर प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनर्स को बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से घोषणा की है कि राज्य के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) में 2 प्रतिशत की वृद्धि कर दी गई है।
मध्यप्रदेश में एक बार फिर आधी रात को सरकार बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की है। दरअसल देर रात एक दर्जन आईपीएस के तबादले के आदेश जारी किए हैं। इनमें पांच एसपी भी शामिल हैं। नर्मदापुरम में साईंकृष्णा एस थोटा की जगह 32वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल उज्जैन के सेनानी दीपक कुमार शुक्ला को पदस्थ किया गया है।
केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 3% DA बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। अब महंगाई भत्ता 60% से बढ़कर 63% हो गया है। जानें आपकी सैलरी और पेंशन में कितना इजाफा होगा।
इजराइल में संसदीय चुनाव के मतदान के बाद वोटों की गिनती जारी है। मतगणना के शुरुआती रुझानों में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। चुनाव पूर्व आए ओपिनियन पोल्स में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हार की संभावना जताई गई थी, लेकिन रुझानों में उनका गठबंधन बढ़त बनाए हुए है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस में अंतर्कलह एक बार फिर सड़क पर आ गई है। कमलनाथ सरकार के गिरने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा दिए गए बयान पर राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने अपनी ही पार्टी के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह के बयान पर सवाल खड़े करते हुए तीखा हमला बोला है।





















