RSS ने शताब्दी वर्ष में सांगठनिक बदलाव करते हुए मध्य प्रदेश के तीन प्रांतों को खत्म कर 9 नए संभाग बनाने का फैसला लिया है। जानें पूरे प्रदेश का नया स्ट्रक्चर और किसे मिलेगी कमान।
देशभर में यूजीसी को लेकर मचे बवाल के बीच आरएसएस ने हिंदी एकता पर जोर दिया है। हालांकि अभी तक संघ की ओर से भी यूजीसी कानून को लेकर कोई बयान नहीं आया। यह भी सत्य है कि उक्त कानून से जो वर्ग प्रभावित हो रहा है, उसी वर्ग सबसे अधिक आरएसएस से जुड़ा है।
कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने एक बार फिर संघ पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने आरएसएस की तुलना शैतान से की और भाजपा को शैतान की परछाई बताया है। साथ ही, उन्होंने संगठन पर फाइनेंशियल गड़बड़ियों का आरोप लगाया और इसके लीगल स्टेटस पर सवाल भी उठाए।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर संगठनात्मक ढांचे में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव करने की तैयारी में है। संघ समय-समय पर खुद को परिस्थितियों के अनुसार ढालता रहा है। कुछ वर्ष पहले जब संघ ने अपनी पारंपरिक ड्रेस में बदलाव किया था, तब भी यह चर्चा का विषय बना था।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मुंबई में संघ के 100 साल पूरे होने पर बड़े संकेत दिए। जानें 75 साल की आयु में रिटायरमेंट और राष्ट्र निर्माण पर उनके विचार।
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संघ का कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है। RSS को BJP से जोड़कर देखना बड़ी गलती है। संघ का उद्देश्य सज्जन नागरिकों का निर्माण और समाज को विश्वगुरु बनने के लिए तैयार करना है।
शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा। राहुल गांधी ने RSS पर ED, CBI, IB और चुनाव आयोग को नियंत्रित करने का आरोप लगाया। अखिलेश यादव ने SIR को NRC से जोड़ा।
जगदीप धनखड़ ने भोपाल में डॉ. मनमोहन वैद्य की पुस्तक 'हम और यह विश्व' का विमोचन किया। धनखड़ ने कहा कि वह अब अंग्रेजी में बोलेंगे ताकि 'धूमिल करने वाले' उनका सही मंतव्य न जान पाएं।
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संगठन का पंजीकरण अनिवार्य नहीं है, यह लोगों का समूह है। उन्होंने कहा कि भारत में सभी हिंदू हैं और हिंदू राष्ट्र होना संविधान के अनुरूप है।
पूर्व कांग्रेसी नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने राहुल गांधी को 'बदतमीजों का बादशाह' कहा। जानें RSS को राष्ट्रभक्त बताने और 'स्वर्ग केवल हिंदुओं को मिलेगा' जैसे उनके तीखे बयानों पर मची राजनीतिक हलचल।






















