पोस्टल वोट की पेटी खोलने का आरोप लगाया

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 17 नवंबर को मतदान हुआ। इसकी मतगणना 3 दिसंबर को होगी। कांग्रेस ने बालाघाट जिले के कलेक्टर पर मतगणना से पहले पोस्टल वोट की पेटी खोलने का आरोप लगाया है।

पोस्टल वोट की पेटी खोलने का आरोप लगाया

बालाघाट कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा समेत अन्य कर्मचारियों को निलंबित करने की मांग

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 17 नवंबर को मतदान हुआ। इसकी मतगणना 3 दिसंबर को होगी। कांग्रेस ने बालाघाट जिले के कलेक्टर पर मतगणना से पहले पोस्टल वोट की पेटी खोलने का आरोप लगाया है। इसका एक वीडियो भी जारी कर पोस्टल वोट में हेराफेरी का आरोप लगाया है। इस संबंध में चुनाव आयोग को शिकायत कर बालाघाट कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा समेत अन्य कर्मचारियों को निलंबित करने की मांग की है। 
कांग्रेस ने मध्य प्रदेश मुख्य निवार्चन अधिकारी अनुपम राजन को इस संबंध में शिकायत दी है। इसमें उन्होंने बालाघाट कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस की तरफ से कहा कि कलेक्टर ने टेजरी रूम खुलवाकर पोस्टल वोट अनाधिकृत रूप से निकलवाकर कर्मचारियों को सौंप दिए गए। इसका वीडियो जारी कर कहा कि कर्मचारियों द्वारा पोस्टल वोट में मनचाही छेड़छाड कर कार्यवाही की जा रही है। शिकायत में कांग्रेस ने कहा कि कर्मचारियों के उक्त पोस्टल वोट सौंपने से संदेहास्पद स्थिति निर्मित हुई है। प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी राजीव सिंह और उपाध्यक्ष एवं चुनाव आयोग कार्य प्रभारी जेपी धनोपिया ने कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल के साथ निर्वाचन कार्यालय पहुंचकर शिकायत की। 

उन्होंने बालाघाट कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा और उस उक्त कार्य में शामिल कर्मचारियों को निलंबित करने की मांग की है। सोमवार को पोस्टल बैलेट सेर्टिंग कराने का कार्य कर्मचारी कर रहे थे। बीजेपी और कांग्रेस के प्रत्याशियों के प्रतिनिधियों को सूचना देकर अवगत कराया गया था कि दोपहर 3 बजे के बाद रूम खोला जाएगा और उनके प्रतिनिधियों के मौजूदगी में बैलेट पेपर सेर्टिंग की जाएगी। जब यह कार्य हो रहा था, तब बीजेपी और कांग्रेस प्रत्याशी के प्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद थे। लेकिन इस कार्य को लेकर बाहर ऐसा कन्फ्यूजन हुआ कि अवकाश के दिन भी तहसील कार्यालय में अंदर ही अंदर बैलेट पेपर की गिनती हो रही है। इस सूचना पर कांग्रेस के समर्थक मौके पर पहुंचे। उन्होंने मौके पर मौजूद अमला से जानने का प्रयास किया तो उनके द्वारा संतोष जनक उत्तर नहीं मिला। इसके बाद इसकी शिकायत जिला निर्वाचन अधिकारी व कलेक्टर से की गई। उन्होंने तत्काल एसडीएम गोपाल सोनी को मौके पर भेजा। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने मामले की स्थिति स्पष्ट की।


इस बीच कांग्रेस की प्रत्याशी अनुभा मुंजारे भी समर्थकों सहित पहुंच गईं। जिससे कुछ देर तक गहमा गहमी का माहौल रहा। हालांकि बाद में मामला शांत हो गया। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने इसकी जानकारी भोपाल के वरिष्ठ नेताओं को दी। जिसके बाद सियासत गरमा गई।