पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ गोपनीय दस्तावेजों से जुड़ा एक और मामला दर्ज, अगले साल मई में शुरू होगी सुनवाई 

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ये और बढ़ती जा रही हैं। अब ट्रंप के खिलाफ गुरुवार को गोपनीय दस्तावेज से जुड़ा एक और मामला दर्ज किया गया है। ट्रंप पर नया आरोप है कि उन्होंने गोपनीय दस्तावेज से जुड़े मामले की जांच में बाधा पहुंचाने और फ्लोरिडा स्थित अपनी संपत्ति मार ए लागो के सर्विलांस फुटेज डिलीट किए। बता दें कि ट्रंप के खिलाफ गोपनीय दस्तावेजों से जुड़ा इस मामले में सुनवाई अगले साल मई में शुरू होगी।

पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ गोपनीय दस्तावेजों से जुड़ा एक और मामला दर्ज, अगले साल मई में शुरू होगी सुनवाई 

वॉशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ये और बढ़ती जा रही हैं। अब ट्रंप के खिलाफ गुरुवार को गोपनीय दस्तावेज से जुड़ा एक और मामला दर्ज किया गया है। ट्रंप पर नया आरोप है कि उन्होंने गोपनीय दस्तावेज से जुड़े मामले की जांच में बाधा पहुंचाने और फ्लोरिडा स्थित अपनी संपत्ति मार ए लागो के सर्विलांस फुटेज डिलीट किए। बता दें कि ट्रंप के खिलाफ गोपनीय दस्तावेजों से जुड़ा इस मामले में सुनवाई अगले साल मई में शुरू होगी।
 


ट्रंप ने आरोपों को किया खारिज
डोनाल्ड ट्रंप 2024 में होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से प्रमुख दावेदार हैं। ऐसे में नए आरोपों से उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। हालांकि ट्रंप ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि यह और कुछ नहीं बल्कि बाइडन क्राइम फैमिली और उनके न्याय विभाग का उत्पीड़न है। ट्रंप ने कहा कि अभियोजक जैक स्मिथ जानते हैं कि उनके पास कोई मामला नहीं है। 


ट्रंप पर लगे हैं ये आरोप
ट्रंप के खिलाफ नए आरोप उसी दिन लगे हैं, जब उनके वकील 2020 के राष्ट्रपति चुनाव को पलटने के कथित आरोपों से जुड़े मामले में अभियोजक से मुलाकात की थी। ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने अपने निजी कर्मचारी वाल्टिन वाल्ट नौटा और मार ए लागो संपत्ति के मैनेजर कार्लोस डी ओलिविरा के साथ मिलकर मार ए लागो संपत्ति में लगे सर्विलांस फुटेज डिलीट किए। ओलिविरा और नौटा के बीच हुई बातचीत को इस मामले में दस्तावेज के रूप में पेश किया गया है। 

बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप हैं कि 2021 में राष्ट्रपति चुनाव हारने के बाद व्हाइट हाउस छोड़ते समय कथित तौर पर कई संवेदनशील सरकारी रिकॉर्ड वापस नहीं किए थे और उन्हें अवैध रूप से अपने पास रखा था।