चांद पर पहुंचा प्रमुख स्वामी महाराज का सद्भाव और करुणा का संदेश

संदेश लिखा गया था कि दूसरों की खुशी हमारी अपनी है, दूसरों की भलाई हमारी अपनी भलाई

चांद पर पहुंचा प्रमुख स्वामी महाराज का सद्भाव और करुणा का संदेश

लॉस एंजिल्स। अमेरिका के आईएम-1 मिशन की सफलता लैंडिंग के साथ ही दिवंगत हिंदू आध्यात्मिक गुरू प्रमुख स्वामी महाराज की तस्वीर और संदेश भी चंद्रमा तक पहुंच गए हैं।  निजी अंतरिक्ष यान ओडीसियस ने दो दिन पहले चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग की। इसे लूनर आईएम-1 मिशन नाम दिया गया। इस यान ने बीएपीएस स्वामीनारायण संगठन के पांचवें गुरु प्रमुख स्वामी महाराज को अनूठे तरीके से श्रद्धांजलि दी। दरअसल, लूनर मिशन आईएम-1 की डिस्क पर प्रमुख स्वामी महाराज की तस्वीर को उकेरा गया था। इसके साथ ही उनके सद्भाव और करुणा के वैश्विक संदेश को भी लिखा हुआ था।  इस डिस्क पर उनका संदेश लिखा गया था कि दूसरों की खुशी हमारी अपनी है, दूसरों की भलाई हमारी अपनी भलाई है। नासा और स्पेसएक्स के सहयोग से इंट्यूटिव मशीन्स (आईएम)-1 वाणिज्यिक लैंडर बीते गुरुवार की शाम 6.23 बजे सफलतापूर्वक चांद की सतह पर उतरा। इस यान ने दिवंगत आध्यात्मिक गुरू प्रमुख स्वामी महाराज (1921-2016) की स्मृति में उनके संदेशों के साथ एक नक्काशीदार डिस्क को भी चंद्रमा पर सफलतापूर्वक उतारा। इसके बाद मिशन निदेशक टिम क्रेन ने अपने भाषण में कहा कि ओडीसियस को अपना नया घर मिल गया है।  बीएपीएस ने एक बयान जारी कर कहा, 'दूसरों की खुशी हमारी अपनी है, दूसरों की भलाई हमारी अपनी है' प्रमुख स्वामी महाराज के जीवन का यह आदर्श वाक्य था। यह एक सरल वाक्य है, लेकिन इसका गहरा संदेश है। इसे रिलेटिव डायनेमिक्स द्वारा डिस्क पर उकेरा गया था। जो चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर आईएम-1 मिशन के साथ यात्रा कर रहा है। यह न केवल पचास से अधिक वर्षों में चांद की सतह पर उतरने वाला पहला अमेरिकी अंतरिक्ष यान है, बल्कि यह मानवता की जीत का भी प्रतीक है। यह सद्भाव और करुणा के एक वैश्विक संदेश की जीत का प्रतीक है।  प्रमुख स्वामी महाराज की मूल्यों की शिक्षाओं और सार्वभौमिकता के संदेशों को याद करते हुए इंट्यूटिव मशीन्स ने लैंडिंग से पहले लिंक्ड इन पर अपने संदेश में लिखा था, "ज्ञान युक्त मशीनों और रिलेटिव डायनेमिक्स इंक के सहयोग से आईएएम-1 मिशन बीएपीएस के पांचवें गुरु प्रमुख स्वामी महाराज को एक श्रद्धांजलि अर्पित करेगा।" बीएपीएस के मौजूदा आध्यात्मिक गुरू महंत स्वामी महाराज ने 29 दिसंबर 2022 को भारत के अहमदाबाद में प्रमुख स्वामी महाराज के शताब्दी समारोह के दौरान इस डिस्क को आशीर्वाद दिया था। महंत स्वामी महाराज ने सभी की शांति और खुशहाली के लिए प्रार्थना कहा था, "मैं भगवान स्वामीनारायण के चरण कमलों से प्रार्थना करता हूं कि आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों को आत्मसात ककरके सभी लोगों को आनंद और खुशी मिले। दुनिया में हर जगह सद्भाव फैले। हर जगह एक-दूसरे क लिए प्यार और सम्मान पनपे। शुभ मनोकामनाएं पूर्ण हों।" 

कौन थे प्रमुख स्वामी महाराज
शांतिलाल पटेल का जन्म सात सितंबर, 1921 को गुजरात में हुआ था। बाद में वह प्रमुख स्वामी महाराज के रूप में प्रसिद्ध हुए। प्रमुख स्वामी महाराज बीएपीएस संगठन को ऊंचाई तक लेने जाने वाली शख्सियतों में से एक रहे। उन्होंने भारत ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में बीएपीएस को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने हिंदू धर्म के सिद्धांतों और स्वामीनारायण की शिक्षाओं पर जोर दिया। उनके नेतृत्व में बीएपीएस ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवाओं और मानव हित के प्रयासों सहित विभिन्न गतिविधियों पर जोर दिया।  वहीं, महंत स्वामी महाराज मानवता की सेवा करके प्रमुख स्वामी महाराज की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने समुदाय के लोगों की देखभाल के लिए स्वयंसेवकों को जुटाया। यूक्रेन में युद्ध के दौरान पोलैंड की सीमा पर मानवीय राहत कार्य चलाए। महंत स्वामी महाराज हिंदू समुदाय और प्रत्येक नागरिक को अपने परिवार का सदस्य बनने में मदद करते हैं।