मप्र बजट 2022-23 मप्र में 13 हजार शिक्षकों की होगी भर्ती, मप्र विकसित होंगे 11 नए औद्योगिक क्षेत्र 

कांग्रेस विधायकों के हंगामे के बीच शुरू हुआ वित्त मंत्री के बजट भाषण

मप्र बजट 2022-23 मप्र में 13 हजार शिक्षकों की होगी भर्ती, मप्र विकसित होंगे 11 नए औद्योगिक क्षेत्र 

जानिए क्या खास रहा बजट में ...
मध्यप्रदेश विधानसभा में विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा 2022-23 का बजट पढ़ रहे हैं। देवड़ा दूसरी बार बजट पेश कर रहे हैं। पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा उनकी बजट स्पीच के बीच लगातार बोल रहे हैं। कांग्रेस विधायक आसंदी के सामने जाकर नारेबाजी कर रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि एक साल में साढ़े पांच लाख बेरोजगार हो गए। कैसा बजट है ये। बिजली के बिल पर जेल में डालने का काम कर रहे हैं। किसान परेशान हैं। उट शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बजट भाषण हो जाने दें। जनता सुनना चाहती है। ऐसा नहीं होगा तो कांग्रेस की छवि खराब होगी। बजट के बाद जितना विरोध करना हो कर लें।

कांग्रेस के हंगामे के बीच मंत्री और विधायक भी बजट भाषण सुन नहीं पा रहे। सदस्य हेडफोन उतारकर बजट भाषण की कॉपी देख रहे हैं।

सज्जन सिंह वर्मा ने कहा- सरकार किसान, मजदूर विरोधी है। पहले पिछले बजट का हिसाब दो। हम नहीं चाहते कि वित्तमंत्री जी की तबीयत खराब हो। जगदीश जी आपका बीपी बढ़ जाएगा। 3 हजार करोड़ के कर्ज से प्रदेश को डुबो दिया।

मंत्री गोपाल भार्गव बोले- सज्जन भाई, आपको बोलने का पर्याप्त अवसर मिलेगा। उसमें चर्चा कर लें। संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा बोले- इनको (सज्जन सिंह) सलीका ही नहीं है, बातें सुनने का।

बजट शुरू होने से पहले गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा- विपक्ष सार्थक चर्चा करे। सदन हंगामे या बाहुबल के लिए नहीं, बुद्धि बल के लिए है। 
स्टेट की जीडीपी 19.74 प्रतिशत पहुंचने पर है। मध्यप्रदेश में सकल घरेलू उत्पाद 11 लाख 79 हजार 4 करोड़ हो गया है। बजट में सभी क्षेत्र का ध्यान रखा है। इनफ्रॉस्ट्रक्चर पर मध्यप्रदेश 50% बजट खर्च करेगा। मैं मानता हूं कि सरकार आमजन पर कोई नया टैक्स नहीं लगाएगी। सुबह 10 बजे विधानसभा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रियों की बैठक हुई। इसमें वित्तमंत्री के बजट भाषण को मंजूरी दी गई। वित्तमंत्री ने विधानसभा में बजट पेश करने से पहले अपने आवास पर पूजा की। उन्होंने कहा कि जनता की उम्मीदों के अनुरूप ही इस बार का बजट होने वाला है। सुबह घर से विधानसभा की ओर निकलने से पहले उन्होंने कहा- मध्य प्रदेश सरकार का यह बजट जनहित का बजट होगा। जो आपको उम्मीद है, इस बजट में वो सबकुछ होगा।

जानिए क्या मिले बजट 2022-23 में-
-2 लाख 79 हजार 237 करोड़ का कुल बजट...
-देश में पहली बार मध्य प्रदेश ने चाइल्ड बजट प्रस्तुत किया।
-4000 किमी सड़क निर्माण का लक्ष्य।
-सड़क निर्माण के लिए 108 करोड़ का प्रावधान।
-21 करोड़ की बिजली सब्सिडी के लिए 2500 करोड़ का प्रवधान।
-जल जीवन मिशन के तहत घर-घर पानी पहुंचाया।
-जल जीवन मिशन सरकार की प्राथमिकता।
-बुरहानपुर जिले के हर घर में नल से जल पहुंच रहा।
-सागर, शाजापुर, उज्जैन में सोलर प्लांट लगेंगे।
-प्रदेश में सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए।
-मुख्यमंत्री राशन आपके द्वार योजना लागू।
-अटल प्रगति पथ का काम शुरू हो चुका है।
-गायों की सेवा के लिए नई योजना शुरू होगी।
-जैविक कृषि क्षेत्र का विस्तार किया जा रहा।
-ग्रामीण अंचलों में विकास की रफ्तार बढ़ी।
-रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
-406 पशु चिकित्सा वाहन से इलाज हो रहा।
-पशु पालन विकास योजना शुरू की जा रही है।
-बजट में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया।
-मप्र की डीजीपी बढ़ी।
-भोपाल के बगरोद और बैरसिया में उद्योग पार्क बनेंगे।
-जनजाति विकास निगम बनेगा। यह रोजगार के अवसर तैयार करेगा।
-प्रदेश में घर-घर पशु चिकित्सा सेवा शुरू होगी।
-13000 टीचर्स की नियुक्ति की जाएगी।
-उद्यानिकी फसलों के लिए एक लाख मीट्रिक टन की भंडारण क्षमता विकसित की जाएगी।
-दुग्ध उत्पादन योजना शुरू होगी। इसके लिए 1050 का प्रावधान है।
-मछली पालन के क्षेत्र में रोजगार की संभावना है।
-मुख्यमंत्री मत्स्य पालन योजना शुरू होगी। इसके लिए 50 करोड़ का प्रावधान है।
-मप्र 11 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इससे 11 हजार से ज्यादा रोजगार के अवसर विकसित होंगे।
-अजा-अजजा और ओबीसी की महिलाओं के स्वरोजगार के लिए भी काम किए जा रहे हैं। यह काम स्व-सहायता समूहों के जरिए हो रहा है। इनको 2000 करोड़ रुपए का क्रेडिट दिया जाएगा।                       
-भोपाल, इंदौर, जबलपुर में पीपीपी मॉडल पर 217 इलेक्ट्रॉनिक व्हिकल चार्जिंग स्टेशन बनेंगे।
-अजा वित्त विकास निगम के लिए 40 करोड़ का प्रावधान किया गया है। ओबीसी के लिए पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम के लिए 50 करोड़ का प्रावधान है।
-जनजाति विकास निगम बनेगा। यह रोजगार के अवसर तैयार करेगा। गायों की सेवा के लिए नई योजना शुरू की जाएगी।
-31 लाख हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाएगा। 10 हजार करोड़ का प्रावधान रखा गया है।  
-सांची को सोलर सिटी के रुप में विकसित करेंगे।
-दस लाख करोड़ रुपये के पार पहुंची मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था। 
-आधारभूत संरचना के विकास पर विशेष जोर। 
-प्रदेश भर में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर किया गया। 
-दस लाख करोड़ रुपये के पार पहुंची मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था।
-आधारभूत संरचना के विकास पर विशेष जोर। 
-केन्द्र ने राज्यों के लिए एक लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त पूंजीगत खर्च का प्रावधान मध्य प्रदेश सरकार केन्द्र के इस फंड से ज्यादा से ज्यादा लाभ लेगी ।
-राज्य में 43 लाख हैक्टेयर में सिंचाई सुविधा, यह 2003 की तुलना में कई गुना ज्यादा, 2025 तक 65 लाख हैक्टेयर में सिंचाई सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य।
-बुंदेलखंड की तस्वीर बदलेगी केन-बेतवा परियोजना,परियोजना के लिए 44685 करोड़ का प्रावधान।
-कोरोना के बावजूद अनाज की रिकार्ड खरीद की गई।
-1500 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान खरीद एजेंसियों की लिए।
-एससी एसटी युवाओं को रोजगार के लिए नई योजना।
-वित्त विकास निगम को मजबूत किया जायेगा, इसके लिए बजट में 40 करोड़ रुपये का प्रावधान।
-ओबीसी वित्त विकास निगम को मजबूत किया जायेगा।
-बजट में इसके लिए 50 करोड़ का प्रावधान।
-वन औषधी प्रसंस्करण पर विशेष जोर।
-तेंदुपत्ता संग्राहकों को लाभांश में बढ़ोतरी।
-राज्य सरकार लाभांश को 70 से बढ़ाकर 75 फीसदी करेगी।
-पंचायतों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी जायेगी।
-प्रधानमंत्री आवास के लिए रिकार्ड 10000 करोड़ का प्रावधान।
-7000 करोड़ की लागत से बनेंगे मुख्यमंत्री राइस स्कूल।
-इस वित्त वर्ष में इसके लिए 1157 करोड़ का प्रावधान।
-37000 हैक्टेयर में वृक्षारोपड का करने का लक्ष्य।
-प्रदेश में 41 लाख लाडली लक्ष्मी योजना लाभार्थी।
-मध्य प्रदेश में लिंगानुपात बढ़कर 956।
-योजना का विस्तार उच्च शिक्षा के लिए किया जायेगा।
-कोरोना में अनाथ 6000 बच्चों को आर्थिक सहायता दी गई।
-मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना फिर से होगी शुरू। 
-महंगाई भत्ता 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 31 प्रतिशत किया जाएगा, साढ़े सात लाख कर्मचारियों को इसका फायदा होगा।
-एमबीबीएस और नर्सिंग की सीटें बढ़ेंगी।