सऊदी अरब ने हुवावे से डील साइन कर अमेरिका को दिया सबसे बड़ा झटका

चीनी कंपनी हुवावे जासूसी के लिए बदनाम

सऊदी अरब ने हुवावे से डील साइन कर अमेरिका को दिया सबसे बड़ा झटका

रियाद/वॉशिंगटन। तीन दिन के सऊदी अरब दौरे पर गए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने यहां के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ मिलकर अमेरिका को बहुत बड़ा झटका दे दिया है। प्रेसिडेंट जो बाइडेन की एडमिनिस्ट्रेशन जिस डील से डर रही थी, चीन और सऊदी अरब ने वही साइन कर ली। चीन की हुवावे इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी अब सऊदी अरब में सर्विस देगी। यह कंपनी 5जी नेटवर्क के बहाने दूसरे देशों में जासूसी के लिए बदनाम है। भारत समेत दुनिया के कई देशों ने हुवावे के लिए दरवाजे बंद रखे हैं। कुछ देश तो ऐसे हैं जिन्होंने डील तक पहुंचने के बाद आखिरी वक्त पर इससे किनारा कर लिया।

30 अरब डॉलर के 20 समझौते
जिनपिंग की सऊदी विजिट के दौरान अब तक चीन और सऊदी अरब के बीच 30 अरब डॉलर के 20 ट्रेड एग्रीमेंट साइन हुए हैं। इसके अलावा कुछ डील्स को लेकर दोनों देशों में बातचीत चल रही है। हुवावे के साथ डील पर सिग्नेचर भले ही टइर के पिता और किंग सलमान ने किए हों, लेकिन पर्दे के पीछे रोल क्राउन प्रिंस सलमान यानी टइर का ही है। हाल के महीनों में सऊदी और अमेरिका के रिश्ते खराब रहे हैं। यही वजह है कि बुजुर्ग किंग के सुधारवादी बेटे टइर ने देश के लिए नए विकल्प तलाशे। चीन से इतने समझौते हकीकत में अमेरिका को सख्त मैसेज है। सऊदी यह साफ कर देना चाहता है कि वो अब सिर्फ अमेरिका के भरोसे नहीं रहेगा। सऊदी और चीन के बीच गुरुवार रात स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की डील भी हुई। जिनपिंग को रियाद में ग्रैंड वेलकम मिला। पहले उनके प्लेन और बाद में कार को रॉयल गार्ड्स ने एस्कॉर्ट किया। हर जगह सऊदी और चीन के फ्लैग नजर आए। टइर ने जिनपिंग के सम्मान में स्पेशल डिनर भी होस्ट किया।