उत्तरप्रदेश के मेरठ जिले के एक घर में आग लगने से दो महिला और पांच बच्चे झुलस गए। सभी को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां तीन बच्चों सहित पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
By: Arvind Mishra
Feb 24, 20269:52 AM
मेरठ। स्टार समाचार वेब
उत्तरप्रदेश के मेरठ जिले के एक घर में आग लगने से दो महिला और पांच बच्चे झुलस गए। सभी को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां तीन बच्चों सहित पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। इस घटना में अस्पताल में एक और मौत हो गई। अब मृतक संख्या बढ़कर छह हो गई है। किदवई नगर में इकबाल अहमद का परिवार रहता है। सोमवार को परिवार के सभी लोग घर पर मौजूद थे। देर रात घर में आग लग गई। ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद परिवार के लोग बाहर निकल गए, लेकिन प्रथम फ्लोर पर मौजूद लोग फंस गए। पुलिस व फायर ब्रिगेड ने फंसे परिवार के सात सदस्यों को निकालने के लिए मकान के पीछे की दीवार तोड़ी और सीढ़ी से एक-एक कर बाहर निकाला। आग से बुरी तरह झुलसी हालत में सभी को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीन बच्चों समेत पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया।
तीन मंजिला मकान
चर्चा है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी और कमरों में रखे कपड़ों में फैलती चली गई। हादसे के वक्त इकबाल अहमद और उनके दोनों बेटे आसिम, फारूक और डॉ. अरशद तरावीह की नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद गए हुए थे। किदवई नगर इस्लामाबाद की गली नंबर-3 में कपड़ा कारोबारी इकबाल अहमद का तीन मंजिल का मकान है। घर की दूसरी मंजिल पर इकबाल की पत्नी अमीर बानो, आसिम की पत्नी रुखसार, उनका तीन वर्षीय बेटा अकदस, छह माह की जुड़वां बेटियां नबिया व इनायत और फारूक की बेटी महविश, बेटा हम्माद व अन्य परिजन मौजूद थे। रात करीब पौने नौ बजे अचानक घर में आग लग गई।
चीखते रहे रुखसाना और बच्चे
मकान में आग लगने के दौरान इकबाल के परिवार की महिलाएं खाना बनाने की तैयारी कर रहीं थीं। बेटे डॉ. अरशद ने बताया कि वह नमाज पढ़ने गए हुए थे। उस दौरान परिवार की महिलाएं खाना बनाने की तैयारी कर रहीं थी। जब वह लौटकर आए तो उन्हें हादसे की जानकारी हुई। जान बचाने के लिए रुखसाना और बच्चे दूसरी मंजिल के कमरे में पहुंच गए। कुछ ही देर में आग वहां तक पहुंच गई। रुखसाना और बच्चे खिड़की खोलकर जान बचाने के लिए चीखते-चिल्लाते रहे। आसपास के लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन भीषण आग के कारण कोई भी मकान के अंदर नहीं जा सका।
संकरी गलियां बनीं बाधा
आग लगने के बाद घर के भीतर से चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग जमा हो गए और पुलिस व फायर ब्रिगेड को सूचित किया। इलाका घनी आबादी वाला है। गलियां संकरी होने के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके तक नहीं पहुंच सकीं। ऐसे में स्थानीय लोगों ने साहस दिखाया और छतों के रास्ते घर में प्रवेश कर झुलसी हुई महिलाओं और बच्चों को बाहर निकाला। लोगों ने निजी संसाधनों और पानी डालकर आग पर काबू पाया।
दमकल के चार वाहनों ने पाया आग पर काबू
सूचना पर पुलिस के आलाधिकारी, सीएफओ सुरेंद्र सिंह दमकलकर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गए। चार दमकल वाहनों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बड़ी संख्या में मोहल्ले व आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले लोग मौके पर पहुंच गए। हादसे का शिकार हुए लोगों को राजधानी अस्पताल ले जाने के बाद सैकड़ों लोग और नेता वहां पहुंच गए।