बिहार की राजनीति में एक बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव होने जा रहा है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस बार होने वाले राज्यसभा चुनाव में संसद के उच्च सदन के सदस्य बनना चाहते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर सार्वजनिक रूप से अपनी इस ख्वाहिश को जाहिर किया है।
By: Arvind Mishra
Mar 05, 202611:19 AM
पटना। स्टार समाचार वेब
बिहार की राजनीति में एक बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव होने जा रहा है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस बार होने वाले राज्यसभा चुनाव में संसद के उच्च सदन के सदस्य बनना चाहते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर सार्वजनिक रूप से अपनी इस ख्वाहिश को जाहिर किया है। नीतीश कुमार पिछले दो दशकों से बिहार में अपनी सेवा देने के बाद अब संसदीय जीवन के अपने उस पुराने सपने को पूरा करना चाहते हैं, जिसके तहत वे संसद और विधानमंडल के सभी चारों सदनों का हिस्सा बनना चाहते थे। उन्होंने साफ किया है कि वे बिहार के विकास के संकल्प पर कायम रहेंगे।दावा किया जा रहा है कि सीएम नीतीश कुमार आज या कल राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं। राज्यसभा चुनाव में नाम वापस लेने की तारीख 9 मार्च है। अगर महागठबंधन छठवां उम्मीदवार नहीं उतारती है तो एनडीए के सभी 5 उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए जाएंगे। यानी नीतीश कुमार अगले हफ्ते ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इसके बाद एनडीए विधायकों की बैठक बुला कर नया नेता चुना जाएगा। जबकि चुनाव होने की स्थिति में 16 मार्च को मतदान होगा और उसी रात परिणाम आ जाएगा।
पहली बार भाजपा का बनेगा सीएम
संभावना है कि इस बार मुख्यमंत्री भाजपा का ही बने। अगर ऐसा होता है तो यह पहली बार होगा जब बिहार को भाजपा का मुख्यमंत्री मिलेगा। नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अगले एक दो दिन में जेडीयू की सदस्यता ले लेंगे। उन्हें उपमुख्यमंत्री जैसा महत्वपूर्ण पद मिल सकता है। अभी यह तय नहीं है कि नीतीश कुमार केंद्र में मंत्री बनेंगे या फिर केवल राज्य सभा सदस्य ही रहेंगे।
75 साल के हो गए नीतीश कुमार
नीतीश कुमार के स्वास्थ्य को लेकर चिंताओं के बाद यह फैसला हुआ है। एक मार्च को ही नीतीश 75 वर्ष के हो गए। ऐसा माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव के समय ही भजापा और जेडीयू में सहमति बनी थी कि चुनाव नीतीश के नाम पर होगा, जीतने पर सीएम भी वे ही बनेंगे लेकिन उसके बाद उचित समय आने पर पद छोड़ देंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि नीतीश कुमार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी मौजूद रहने की उम्मीद है। अमित शाह आज यानी गुरुवार को पटना पहुंचेंगे।
कार्यकर्ता बोले- नहीं जाने देंगे दिल्ली
सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा के बीच जदयू कार्यकर्ता लगातार सीएम हाउस के बाहर नारेबाजी शुरू कर दी है। विधानसभा के बाहर बड़ी संख्या में खऊव कार्यकर्ता पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने कहा कि नीतीश राज्यसभा बिल्कुल नहीं जाएंगे। उन्होंने इतना सुंदर बिहार बनाया है वो कहीं नहीं जा रहे हैं। वहीं सीएम हाउस के बाहर पहुंचे जनता दल यूनाइटेड के एमएलसी संजय गांधी की गाड़ी को कार्यकर्ताओं ने घेर लिया।
आईजी और पटना एसएसपी पहुंचे सीएम हाउस
आईजी जितेंद्र राणा और पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा सीएम हाउस पहुंचे। मुख्यमंत्री आवास के बाहर बैरिकेडिंग की गई है। नीतीश कुमार विधानसभा में राज्यसभा के लिए नामांकन करने पहुंच सकते हैं। नॉमिनेशन को लेकर विधानसभा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
कार्यकर्ता बोले- ये सब गद्दारी कर रहे...
जदयू कार्यकर्ता वरुण ने कहा, जदयू के गद्दार बहुत लोग हैं। इसमें 4 प्रमुख हैं। ललन सिंह, संजय झा, विजय चौधरी और ललन सराफ ये चारों लोग शराब माफिया से मिल चुके हैं। ये शराब चालू करने को लेकर हजारों करोड़ों की डील कर चुके हैं। शराब तभी चालू होगी जब नीतीश कुमार हटेंगे। हम उस राज्यसभी की कुर्सी का विरोध कर रहे हैं। नीतीश कुमार को 14 करोड़ लोगों ने मेंडेट दिया है बिहार की सेवा करने का। पार्टी के लोग कह रहे हैं नीतीश कुमार खुद फैसला ले रहे हैं। नीतीश कोई फैसला नहीं ले रहे हैं नेता लोग फैसला ले रहे हैं।
ललन सिंह बोले- फैसला सभी को मानना होगा
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा है कि, जदयू को नीतीश कुमार ने बनाया है। सीएम का जो फैसला होगा हम सबको मान्य होगा। नीतीश कुमार ने बिहार में जो विकास किया है वो कल्पना भी नहीं कर सकता। नीतीश कुमार ने बिहार को बदलकर दिखाया है, इसलिए ये उनका फैसला होगा कि आगे वो क्या करते हैं।