केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों के बीच बढ़ते तनाव को लेकर एक अहम पहल की शुरुआत की है। सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए साइको-सोशल काउंसलिंग सेवाएं शुरू की हैं। इस पहल से छात्रों के बढ़ते तनाव और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाएगा।
By: Arvind Mishra
Jan 07, 202611:38 AM

नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों के बीच बढ़ते तनाव को लेकर एक अहम पहल की शुरुआत की है। सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए साइको-सोशल काउंसलिंग सेवाएं शुरू की हैं। इस पहल से छात्रों के बढ़ते तनाव और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाएगा। इसकी शुरुआत 6 जनवरी से हो गई है, जो 1 जून तक चलेगी। छात्र इसका लाभ दिए गए टोल फ्री नंबर पर कॉल करके उठा सकते हैं। इसकी सुविधा सुबह 9.30 बजे से शाम के 5.30 बजे तक ली जा सकती है। शनिवार और रविवार को ये सेवा उपलब्ध नहीं रहेगी।
बढ़ेगा छात्रों का आत्मविश्वास
सीबीएसई का कहना है कि यह पहल छात्रों के आने वाले बोर्ड एग्जाम के लिए मानसिक रूप से तैयार करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इससे 17 फरवरी, 2026 से शुरू होने वाली परीक्षाओं का सामना आत्मविश्वास, बैलेंस और शांति के साथ कर सकें।
इस नंबर पर कॉल कर ले छात्र
फ्री काउंसलिंग का फायदा उठाने के लिए छात्र और अभिभावक 1800-118-004 पर कॉल कर 24*7 आईवीआरएस सपोर्ट सिस्टम का उपयोग कर सकते हैं। यह सुविधा हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराई गई है। छात्र सुबह 9.30 से लेकर शाम के 5.30 बजे तक इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं।
काउंसलिंग से मिलेंगे फायदे
ये सेवा खास तौर पर उन छात्रों के लिए है, जो अपने बोर्ड एग्जाम के तनाव को कम करना चाहते हैं। इसमें आपको स्ट्रेस मैनेज करने के साथ समय को मैनेज करने और पढ़ाई से जुड़े सुझाव दिए जाएंगे।
वेबसाइट की भी ले सकते हैं मदद
बोर्ड की ओर से स्ट्रेस मैनेजमेंट, प्लानिंग और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े संसाधन बोर्ड की आफिशियल वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। अगर छात्र चाहे तो, यहां पर जाकर पर काउंसलिंग के लिए अप्लाी कर सकते हैं।
73 प्रोफेशनल्स देंगे काउंसलिंग
छात्रों और अभिभावकों को ये सेवा 73 ट्रेंड काउंसलर के पैनल के साथ बातचीत कर सकते हैं। इनमें सीबीएसई स्कूलों के प्रिंसिपल, काउंसलर, स्पेशल टीचर और मनोवैज्ञानिकों को शामिल किया गया है। इनमें से 61 काउंसलर भारत में हैं। वहीं 12 काउंसलर नेपाल, जापान, कतर, और संयुक्त अरब अमीरत में मौजूद हैं।