सीबीआई ने दो मामलों में आरोपपत्र दाखिल किया है, जो अनिल अंबानी के समूह की कंपनियों आरसीएफएल और आरएचएफएल व यस बैंक और राणा कपूर की पत्नी बिंदु कपूर व बेटियों राधा कपूर और रोशनी कपूर की कंपनियों के बीच हुए कथित फर्जी लेन-देन से जुड़े हैं। सीबीआई ने कहा कि अनिल अंबानी एडीए ग्रुप के चेयरमैन थे।
By: Arvind Mishra
Sep 19, 202510:13 AM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
सीबीआई ने दो मामलों में आरोपपत्र दाखिल किया है, जो अनिल अंबानी के समूह की कंपनियों आरसीएफएल और आरएचएफएल व यस बैंक और राणा कपूर की पत्नी बिंदु कपूर व बेटियों राधा कपूर और रोशनी कपूर की कंपनियों के बीच हुए कथित फर्जी लेन-देन से जुड़े हैं। सीबीआई ने कहा कि अनिल अंबानी एडीए ग्रुप के चेयरमैन थे। वह रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के निदेशक भी थे, जो आरसीएफएल और आरएचएफएल की होल्डिंग कंपनी है। सीबीआई ने एक बयान में कहा, जांच एजेंसी ने दो मामलों में आरोपपत्र दाखिल किया है। इनमें एक आरोपपत्र अनिल अंबानी समूह की कंपनियों आरसीएफएल व आरएचएफएल और दूसरा यस बैंक व राणा कपूर की पत्नी बिंदु कपूर और बेटियां राधा कपूर व रोशनी कपूर के स्वामित्व वाली कंपनियों के बीच फर्जी लेन-देन से जुड़ा है। राणा उस समय यस बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ थे।
गौरतलब है कि 2022 में यस बैंक के मुख्य सतर्कता अधिकारी की ओर से दर्ज की गई शिकायत के आधार पर राणा कपूर, आरसीएफएल, आरएचएफएल और अन्य के खिलाफ दो आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। जांच में सामने आया कि वर्ष 2017 में यस बैंक ने आरसीएफएल में 2045 करोड़ और आरएचएफएल में करीब 2965 करोड़ गैर-परिवर्तनीय शेयर और वाणिज्यिक ऋण के रूप में निवेश किए थे।
यह निवेश राणा कपूर की मंजूरी से हुआ, जबकि उस समय केयर रेटिंग्स ने एडीए ग्रुप की वित्तीय स्थिति निगरानी में रखा था, क्योंकि कंपनी की आर्थिक हालत खराब हो रही थी और बाजार में उसकी साख गिर रही थी। यस बैंक ने आरसीएफएल और आरएचएफएल में किए गए इन निवेशों को बाद में कई स्तरों पर घुमा-फिराकर इस्तेमाल किया, जिससे सार्वजनिक धन की सुनियोजित हेराफेरी सामने आई।
आरोपपत्र में सीबीआई ने कहा, रियायंस निप्पॉन म्यूचुअल फंड्स ने अनिल अंबानी के निर्देश पर 2017-18 में राणा कपूर के परिवार की कंपनी मॉर्गेन क्रेडिट्स प्राइवेट लिमिटेड में 1160 करोड़ का निवेश किया। रिलायंस निप्पॉन म्यूचुअल फंड्स, रिलायंस कैपिटल लिमिटेड की एक और सहायक कंपनी है। रिलायंस निप्पॉन म्यूचुअल फंड्स ने यस बैंक से एडीए ग्रुप के डिबेंचर भी 249.80 करोड़ में खरीदे।