मध्यप्रदेश का स्वास्थ्य विभाग अक्सर सुर्खियों में रहता है। राजधानी भोपाल से लेकर जिला और संभाग स्तर तक खामियां उजागर हो चुकी हैं। इससे बाद भी जिम्मेदार व्यवस्थाओं को सुधारने पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। दरअसल, मध्य प्रदेश में राज्यपाल मंगूभाई पटेल का ब्लड प्रेशर चेक करने में लापरवाही उजागर हुई है।

राज्यपाल मंगूभाई पटेल।

ग्वालियर। स्टार समाचार वेब
अपने चर्चित कारनामों के चलते मध्यप्रदेश का स्वास्थ्य विभाग अक्सर सुर्खियों में रहता है। राजधानी भोपाल से लेकर जिला और संभाग स्तर तक खामियां उजागर हो चुकी हैं। इससे बाद भी जिम्मेदार व्यवस्थाओं को सुधारने पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। दरअसल, मध्य प्रदेश में राज्यपाल मंगूभाई पटेल का ब्लड प्रेशर चेक करने में लापरवाही उजागर हुई है। विभाग का यह चौंकाने वाला कारनामा तीन दिन बाद सामने आया है। अब जिम्मेदार डॉक्टर और चिकित्सा अधिकारी मुश्किल में पड़ गए हैं। इस चूक जागे स्वास्थ्य विभाग में नोटिसों का दौर शुरू हो गया है। गत 22 सितंबर को ग्वालियर की जीवाजी यूनिवर्सिटी में दीक्षांत समारोह का आयोजित किया गया था। इसमें शाामिल होने के लिए भोपाल से राज्यपाल मंगूभाई पटेल पहुंचे थे। जहां राज्यपाल रात मुरार गेस्ट हाउस में ठहरे थे। सुबह उनके नियमित चेकअप के लिए डॉक्टरों की एक टीम पहुंची और जब बीपी चेक किया गया तो मशीन की ही सांस फूल गई। बीपी की मशीन एरर बताने लगी। बार-बार कोशिश करने पर भी राज्यपाल का बीपी नहीं माप सकी। इससे मौके पर मौजूद डॉक्टर और अफसर पसीना-पसीना हो गए।
जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने बताया कि बीपी मशीन की बैटरी खराब हो गई थी। हालांकि, डॉक्टरों ने तुरंत मशीन की बैटरी बदली गई और राज्यपाल का रक्तचाप मापा गया। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया गया है। सीएमएचओ ने नोटिस में लिखा-राज्य शासन द्वारा सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक के रूप में आपको यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि आप अपने पदीय दायित्वों का सही तरीके से निर्वहन करें, लेकिन राज्यपाल के ग्वालियर आगमन के दौरान ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर द्वारा बीपी चेक करते समय मशीन में एरर आया, जिससे बीपी जांच नहीं हो सकी। यह घटना घोर लापरवाही है। इस पर स्वयं दें स्पष्टीकरण, नहीं तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सीएमएचओ ने यह निर्देश दिए हैं कि सिविल सर्जन इस मामले में पहले तो संबंधित ड्यूटी डॉक्टर से स्पष्टीकरण लें। साथ ही स्वयं भी इस चूक को लेकर अपना मप्र सिविल सेवा नियम 1966 के स्पष्टीकरण पेश करें। अन्यथा, अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं सिविल सर्जन की होगी।
उधर, नोटिस मिलने के बाद आनन-फानन में सिविल सर्जन डॉ. आरके शर्मा ने भी इसी मामले में लापरवाही को लेकर ड्यूटी डॉक्टर राहुल श्रीवास्तव को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अभी जिम्मेदरों को नोटिस के जवाब का इंतजार है। अब यहां देखना यह दिलचस्प होगा कि राज्यपाल के साथ हुई इस चूक पर विभाग क्या एक्शन लेता है।

भोपाल रेल मंडल के यात्रियों के लिए सबसे अहम बदलाव बिना टिकट और नियमों के उल्लंघन से जुड़े किए गए हैं। अब बिना टिकट यात्रा करते पकड़े जाने पर न्यूनतम अतिरिक्त शुल्क 250 रुपए से बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया गया है। अनियमित यात्रा या गलत टिकट पर यात्रा करने पर भी यही नियम लागू होंगे।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मध्य प्रदेश में जगह-जगह सामूहिक योग किए गए। जबलपुर के गैरिसन ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने योग किया।
इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का भूमि-पूजन, 5657 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात, पीएम आवास योजना और कृषि क्षेत्र में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों पर विस्तृत रिपोर्ट।
सीधी के खैरा गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई। घटना में एक ही परिवार के पांच लोग घायल हुए, जबकि मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
सिंगरौली की अमलोरी कोल माइंस में डंपर 100 फीट गहरी खाई में गिरने से ऑपरेटर की मौत हो गई। हादसे ने खदानों में श्रमिक सुरक्षा और कार्यस्थल प्रबंधन को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
केन-बेतवा लिंक परियोजना से विस्थापित परिवार पुनर्वास स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं के अभाव में तिरपाल और झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। मुआवजा मिलने के बावजूद स्थायी पुनर्स्थापन और बुनियादी व्यवस्थाओं का इंतजार जारी है।
रीवा के सेमरिया स्थित पीएम श्री पूर्व माध्यमिक विद्यालय में छात्रों के लिए आई किताबें और शैक्षणिक सामग्री कबाड़ में बेचने का आरोप लगा है। मामले का वीडियो सामने आने के बाद जवाबदेही पर सवाल उठे हैं।
रीवा में प्रवर्तन निदेशालय ने चार प्रमुख संविदाकारों के घर और कार्यालयों पर छापेमार कार्रवाई की। वित्तीय अनियमितताओं, टेंडर भुगतान और कथित घोटालों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
सतना के धवारी स्थित इनक्यूबेशन सेंटर में बिना मीटर सीधे ट्रांसफॉर्मर से बिजली उपयोग का मामला सामने आया। बिजली विभाग की जांच में अवैध कनेक्शन पकड़े गए, जिससे निगरानी और जवाबदेही पर सवाल खड़े हुए।
चित्रकूट में 36.84 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे कामदगिरी परिक्रमा मार्ग की गुणवत्ता जांच में खामियां मिलीं। कलेक्टर और प्राधिकरण अध्यक्ष ने मौके पर निरीक्षण कर निर्माण एजेंसी से जवाब तलब किया।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

मध्यप्रदेश: बैंक ऑफ बड़ौदा ब्लैक लिस्ट... सरकारी लेनदेन पर प्रतिबंध

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह