विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को खराब पड़ोसी करार देते हुए आतंकवाद के मुद्दे पर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि कोई पड़ोसी देश जानबूझकर और लगातार आतंकवाद को बढ़ावा देता है, तो भारत को अपने लोगों की रक्षा करने का पूरा अधिकार है और वह इस अधिकार का इस्तेमाल करेगा।
By: Arvind Mishra
Jan 02, 20262:24 PM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को खराब पड़ोसी करार देते हुए आतंकवाद के मुद्दे पर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि कोई पड़ोसी देश जानबूझकर और लगातार आतंकवाद को बढ़ावा देता है, तो भारत को अपने लोगों की रक्षा करने का पूरा अधिकार है और वह इस अधिकार का इस्तेमाल करेगा। कोई हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या करना चाहिए या क्या नहीं करना चाहिए। दरअसल, आईआईटी मद्रास में आयोजित एक कार्यक्रम में भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा- भारत अपनी सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगा और आतंकवाद से निपटने के तरीके पर किसी बाहरी दबाव या सलाह को स्वीकार नहीं करेगा।
हम जो जरूरी होगा, वही करेंगे
विदेश मंत्री ने कहा- जब कोई पड़ोसी देश लगातार आतंकवाद को बढ़ावा देता है तो भारत को अपने लोगों की रक्षा करने का पूरा हक है। हम जो जरूरी होगा, वही करेंगे। आप हमसे ये उम्मीद नहीं कर सकते कि हम आपके साथ पानी साझा करें और आप हमारे देश में आतंकवाद फैलाते रहें।
सुरक्षा के लिए कुछ भी करेंगे
विदेश मंत्री ने साफ कहा कि आतंकवाद पर भारत की प्रतिक्रिया क्या होगी, ये फैसला सिर्फ भारत करेगा। उन्होंने कहा-हम अपने अधिकार का इस्तेमाल कैसे करेंगे, ये हमारा फैसला है। कोई हमें ये नहीं बता सकता कि हमें क्या करना चाहिए या क्या नहीं। अपनी सुरक्षा के लिए जो जरूरी होगा, हम करेंगे।
भारत की स्थिति इसलिए गंभीर
पाकिस्तान का नाम लिए बिना जयशंकर ने कहा-कई देशों को मुश्किल पड़ोसियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन भारत की स्थिति इसलिए ज्यादा गंभीर है, क्योंकि आतंकवाद को वहां राज्य की नीति की तरह इस्तेमाल किया गया है। अगर कोई देश जानबूझकर और लगातार आतंकवाद को बढ़ावा देता है तो हमारे पास अपने लोगों की रक्षा करने का पूरा अधिकार है और हम उस अधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
दोनों बातें साथ नहीं चल सकतीं
विदेश मंत्री ने सीमा पार आतंकवाद को पानी के बंटवारे जैसे समझौतों से भी जोड़ा। जयशंकर ने कहा कि भारत ने दशकों पहले पानी साझा करने का समझौता किया था लेकिन ऐसे समझौते अच्छे पड़ोसी संबंधों पर टिके होते हैं। अगर दशकों तक आतंकवाद चलता रहा, तो अच्छे पड़ोसी वाले रिश्ते नहीं रह सकते। अगर अच्छे रिश्ते नहीं होंगे, तो उनके फायदे भी नहीं मिल सकते। आप ये नहीं कह सकते कि हमसे पानी भी साझा करो और हम आतंकवाद भी करते रहेंगे। ये दोनों बातें साथ नहीं चल सकतीं।