कुवैत में अलग-अलग घटनाओं में जान गंवाने वाले 20 भारतीयों के पार्थिव शरीर एक विशेष उड़ान से कोच्चि एयरपोर्ट पहुंचे। मिडल ईस्ट में जारी युद्ध की वजह से विमान सेवाओं में आए व्यवधान के चलते इन शवों को भारत लाने में काफी देरी हुई।
By: Arvind Mishra
Apr 01, 202610:35 AM
चल रहे संघर्ष के कारण देरी से कोचीन पहुंचे
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
कुवैत में अलग-अलग घटनाओं में जान गंवाने वाले 20 भारतीयों के पार्थिव शरीर एक विशेष उड़ान से कोच्चि एयरपोर्ट पहुंचे। मिडल ईस्ट में जारी युद्ध की वजह से विमान सेवाओं में आए व्यवधान के चलते इन शवों को भारत लाने में काफी देरी हुई। मृतक केरल और तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों के रहने वाले थे, जिन्हें एयरपोर्ट प्रशासन ने उनके पैतृक गांवों के लिए रवाना कर दिया है।दरअसल, 20 भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर बुधवार को केरल के कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंच गए। मृतकों में तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले के मुथुकुलथुर के रहने वाले 37 वर्षीय संथानासेल्वम कृष्णन भी शामिल थे, जिनकी एक वॉटर डिसैलिनेशन प्लांट पर हुए ड्रोन हमले में मौत हो गई थी। बाकी 19 लोगों की मौत अलग-अलग घटनाओं और प्राकृतिक कारणों से हुई थी, लेकिन क्षेत्रीय संघर्ष के चलते उनके पार्थिव शरीर को वापस लाने में देरी हो गई थी।
संघर्ष की वजह से आठ की मौत
दावा किया जा रहा है कि खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष का दूसरा महीना शुरू होने के साथ ही, पश्चिम एशिया में 8 भारतीय नागरिकों की जान चली गई है। विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कि एक व्यक्ति अभी भी लापता है।
विदेश मंत्रालय ने व्यक्त की संवेदना
भारत विदेश मंत्रालय के अनुसार, दुर्भाग्यवश कुवैत में हुए एक हमले में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई। हम मृतक के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। कुवैत में हमारा मिशन मृतक के परिवार के संपर्क में है और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि हर संभव सहायता प्रदान की जा सके और उनके पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत वापस लाया जा सके। दुर्भाग्यवश, विभिन्न घटनाओं में आठ भारतीय नागरिकों की जान चली गई है और एक भारतीय नागरिक अभी भी लापता है।