मध्य प्रदेश की धरती पर दक्षिण अफ्रीका के बोत्सवाना से आठ चीते आने वाले हैं। इसके अलावा असम से जंगली भैंसा भी लाकर एमपी में बसाए जाएंगे। दरअसल, सीएम डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर इस प्रोजेक्ट पर विस्तार से चर्चा की है।
By: Arvind Mishra
Feb 05, 202612:04 PM
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्य प्रदेश की धरती पर दक्षिण अफ्रीका के बोत्सवाना से आठ चीते आने वाले हैं। इसके अलावा असम से जंगली भैंसा भी लाकर एमपी में बसाए जाएंगे। दरअसल, सीएम डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर इस प्रोजेक्ट पर विस्तार से चर्चा की है। सीएम ने बताया कि सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर करने के लिए भी चर्चा की गई है। दरअसल, मुख्यमंत्री चीता प्रोजेक्ट, असम से गैंडे और जंगली भैंसे सहित अन्य वन्य प्राणियों को लाने के प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रहे हैं। बोत्सवाना से 8 चीते लाने की प्रक्रिया पूरी कराने सहित प्रोजेक्ट की मंजूरी सहित अन्य कार्यों को लेकर वे दिल्ली पहुंचे थे। उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव से विभिन्न विषयों पर विस्तार से बातचीत की गई है।
मध्यप्रदेश में 32 चीते
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या लगभग 27 से 30 हैं, जिनमें भारत में जन्मे शावक शामिल हैं, और कुल मिलाकर भारत में अब 30 से 32 चीते हैं (कुछ गांधी सागर में भी हैं)। हाल ही में मुखी और निर्वा जैसी मादा चीतों ने शावकों को जन्म दिया है, जिससे संख्या बढ़ी है, लेकिन कुछ चीतों की मौत भी हुई है।
एमपी में अपार संभावनाएं
सीएम ने जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली में ने बताया कि कि मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र के विकास, रिजर्व फॉरेस्ट के विस्तार और वन्यजीव संरक्षण की अपार संभावनाएं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य सरकार वन्य जीवों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।
आठ चीते लाए जाएंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी महीने 28 फरवरी के आसपास बोत्सवाना से 8 चीते मध्यप्रदेश लाए जाएंगे। चीतों के पुनर्स्थापन के लिए केंद्रीय मंत्री यादव से आवश्यक सहयोग और व्यवस्थाओं पर भी विस्तृत रूप से बात की है।
प्रोजेक्ट की प्रक्रियाएं पूरी
श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में चीतों की बसाहट के बाद अब असम का जंगली भैंसा भी मध्यप्रदेश के जंगलों में घूमता दिखाई देगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि असम से भैंसा मध्यप्रदेश लाने की सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा हुई है।