मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन आज यानी मंगलवार को कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा और कांग्रेस विधायकों ने एक दूसरे पर जमकर सियासी हमला बोला। इधर, विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा-देश की 40 से 50 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है, लेकिन केंद्र की नीतियों से किसान लगातार कर्ज में डूब रहे हैं।
By: Arvind Mishra
Feb 24, 202611:33 AM

भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन आज यानी मंगलवार को कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा और कांग्रेस विधायकों ने एक दूसरे पर जमकर सियासी हमला बोला। वहीं सीएम डॉ. मोहन यादव ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि मालवा अंचल के जनजातीय क्षेत्रों में मनाए जाने वाले भगौरिया लोकपर्व को सरकार ने राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जनजातीय बहुल जिलों बड़वानी, धार और झाबुआ में सरकार कृषि कैबिनेट आयोजित करने की तैयारी कर रही है। भगौरिया पर्व के दौरान ही कृषि कैबिनेट की बैठक आयोजित की जाएगी। सीएम ने बताया कि किसानों के हित में की गई घोषणाओं को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। राज्य सरकार उड़द के उपार्जन पर 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देगी। वहीं, सरसों के लिए 71 लाख टन उत्पादन मानते हुए भावांतर योजना के तहत भुगतान किया जाएगा। सरसों उत्पादन 28 फीसदी बढ़ने का अनुमान है।
सीएम की घोषणा पर सदन में नोकझोंक
विधानसभा में मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि किसानों के हित में की गई घोषणा स्वागत योग्य है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी के भोपाल में होने के कारण सरकार ने यह फैसला लिया है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी से तीन सवाल पूछे जाएं, जिनमें रबी में बोई जाने वाली फसल का नाम भी शामिल हो। राहुल गांधी से पूछा जाना चाहिए कि तिलहन और दलहन में कौन-कौन सी फसलें आती हैं।
किसानों पर विशेष सत्र का प्रस्ताव
सीएम ने कहा- किसानों के लिए 3285.50 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की गई है। एक अन्य योजना में 2863.86 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। कैबिनेट ने पांच अलग-अलग योजनाओं में 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि को मंजूरी दी है। सरकार प्राकृतिक खेती और तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के मुद्दों पर एक विशेष सत्र आयोजित किया जाए, जिसमें चल रही योजनाओं की समीक्षा और भविष्य की रणनीति पर चर्चा हो।
राहुल गांधी को किसानों की परिभाषा तक नहीं पता
इसस पहले कार्यवाही में हिस्सा लेने पहुंच प्रदेश के कृषि मंत्री एंडल सिंह कंषाना ने संवाददाताओं से चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की कृषि संबंधी जानकारी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को किसानों की परिभाषा तक नहीं पता है। कंसाना ने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें यह भी जानकारी नहीं है कि गेहूं की बाली कितनी बड़ी होती है और फसलों के बारे में बुनियादी जानकारी का अभाव है। जिन्हें यूरिया और खाद के उपयोग की जानकारी नहीं है, वे किसानों के हित में क्या काम करेंगे। मंत्री ने सवाल उठाया कि बिना जमीनी समझ के प्रदेश में आकर राहुल गांधी आखिर करेंगे क्या।
खरगोन में जमीन बंदोबस्त का मुद्दा विधानसभा में उठा
विधानसभा में कांग्रेस विधायक झूमा सोलंकी ने खरगोन के भीकनगांव, झिरन्या और महेश्वर क्षेत्र में जमीन बंदोबस्त नहीं होने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड में गड़बड़ी से लोगों को परेशानी हो रही है। कांग्रेस विधायक राजन मंडलोई ने भी समर्थन किया। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि गड़बड़ी हो तो कलेक्टर या तहसीलदार को आवेदन दें, जांच कर सुधार किया जाएगा।
भाजपा विधायक ने अफसरों पर सवाल उठाए
विधानसभा में भाजपा विधायक दिनेश राय मुनमुन ने सिवनी और केवलारी क्षेत्र में नहर निर्माण और सीमेंटीकरण का काम पूरा नहीं होने का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों में कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन काम अब तक पूरा नहीं हुआ और किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा है। विधायक ने कहा कि विभाग के अधिकारी मंत्री तुलसी सिलावट को गलत जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि निर्माण की समय सीमा तीन से चार बार बढ़ाई गई, लेकिन इसके बाद भी काम अधूरा है। वहीं विधायक मुनमुन ने पहले से बनी समिति से मामले की जांच कराने और गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
सरपंच मानदेय... मंत्री बोले- भुगतान लंबित नहीं
विधानसभा में कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा ने सरपंचों को मानदेय नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कई सरपंच शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें मानदेय का भुगतान नहीं हो रहा है। इस पर पंचायत मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने जवाब में बताया कि सरपंच को 4250 रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। पंच को प्रति बैठक 300 रुपए के हिसाब से अधिकतम 1800 रुपए वार्षिक देने का प्रावधान है। किसी भी सरपंच का मानदेय लंबित नहीं है।
यूनिफार्म भुगतान और गौशाला पर सवाल
भाजपा विधायक रीति पाठक ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्कूलों में विद्यार्थियों के गणवेश वितरण और स्व सहायता समूहों के लंबित भुगतान का मामला उठाया। उन्होंने 2022-23 से 2024-25 के बीच कराए गए कार्यों के भुगतान में देरी का कारण और समय सीमा पूछी। पंचायत मंत्री प्रह्लाद पटेल ने बताया कि वर्ष 2022-23 और 2023-24 के भुगतान का मामला है। कुल 428 करोड़ रुपए का भुगतान होना था, जिसमें से 393.25 करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं और 35 करोड़ का भुगतान शेष है। सीधी जिले में 1 करोड़ 6 लाख का भुगतान बाकी है। मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग और आजीविका मिशन के पोर्टल के बीच समन्वय की कमी के कारण भुगतान में देरी हुई है। भुगतान के लिए कलेक्टर से सत्यापन मांगा गया है। चार जिलों में सत्यापन होने के बाद भुगतान कर दिया गया है। सत्यापन पूरा होते ही शेष भुगतान भी किया जाएगा, इसलिए समय सीमा तय करना संभव नहीं है।
गौवंश संरक्षण के लिए नई योजना और प्रावधान
पूरक प्रश्न में विधायक रीति पाठक ने गौवंश संरक्षण और गौशालाओं की स्वीकृति का मुद्दा उठाया। मंत्री ने बताया कि पशुपालन विभाग ने नई योजना शुरू की है और इसके लिए 22 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। लगभग 130 एकड़ जमीन पर गोवर्धन प्लांट विकसित किए जाएंगे, जहां बिजली, खाद और अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मंत्री ने बताया कि पहले 1200 गौशालाएं थीं, जिनमें से कई का संचालन किसी के पास नहीं था। वर्तमान में 400 गौशालाएं ऐसी हैं, जिन्हें किसी संस्था ने नहीं लिया है। अब तक 61 गोबर गैस प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं और अधिक गोवंश वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता देकर योजना का लाभ दिया जाएगा।
केंद्र की नीतियों से किसान लगातार कर्ज में

इधर, विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा-देश की 40 से 50 प्रतिशत आबादी खेती पर निर्भर है, लेकिन केंद्र की नीतियों से किसान लगातार कर्ज में डूब रहे हैं। मोदी सरकार की नीतियां किसानों को आत्महत्या की ओर धकेल रही है। मध्य प्रदेश के किसानों पर करीब 1 लाख 69 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है और सरकार इस गंभीर स्थिति पर ध्यान नहीं दे रही। कांग्रेस पार्टी किसानों के हित में उनकी आवाज बुलंद करती रहेगी। सिंघार ने कहा-कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी मध्य प्रदेश के किसानों की आवाज उठाएंगे।
डील के दिन ही गिर गए कपास के दाम
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केंद्र सरकार की ट्रेड डील को लेकर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस डील से देश और प्रदेश के किसानों को बड़ा नुकसान होने वाला है। जैसे ही डील हुई, उसी दिन कपास के दाम गिर गए। इससे साफ है कि बाजार पर इसका नकारात्मक असर पड़ा है। उन्होंने सवाल उठाया कि मध्य प्रदेश के सरसों, सोयाबीन और कपास के किसानों का भविष्य क्या होगा। यदि एमएसपी कम हुआ और बाजार भाव गिरते रहे तो किसान कैसे टिक पाएंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल एक राज्य का नहीं, बल्कि पूरे देश का मुद्दा है।