फरवरी 2026 में विवाह के लिए साल के सबसे ज्यादा 12 शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। जानें 5 से 26 फरवरी तक की प्रमुख तिथियां, शुक्र उदय का महत्व और होलाष्टक की सावधानियां।
By: Star News
Jan 27, 20265:23 PM
धर्म डेस्क. स्टार समाचार वेब
अगर आप या आपके परिवार में कोई साल 2026 की शुरुआत में परिणय सूत्र में बंधने जा रहा है, तो फरवरी का महीना आपके लिए खुशियों की सौगात लेकर आ रहा है। ज्योतिष गणना के अनुसार, फरवरी 2026 विवाह के लिए साल का सबसे भाग्यशाली महीना साबित होने वाला है। इस माह में कुल 12 प्रधान शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, जो पूरे वर्ष में किसी भी एक महीने में सबसे अधिक हैं।
जनवरी के मध्य में खरमास समाप्त होने के बाद मांगलिक कार्यों पर लगी रोक हट जाएगी। फरवरी में विवाह के इतने अधिक मुहूर्त होने का मुख्य कारण शुक्र ग्रह का उदय होना है। हिंदू धर्म में शुक्र को प्रेम, सुख और वैवाहिक आनंद का कारक माना जाता है। शुक्र के उदित अवस्था में रहने से दाम्पत्य जीवन में खुशहाली आती है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, फरवरी के महीने में निम्नलिखित तारीखें विवाह संस्कार के लिए अत्यंत शुभ मानी गई हैं:
| तिथि | दिन | विशेषता |
| 5 फरवरी | गुरुवार | माघ मास की शुभ शुरुआत |
| 6 फरवरी | शुक्रवार | स्थिर नक्षत्र का संयोग |
| 8 फरवरी | रविवार | सप्ताहांत का विशेष मुहूर्त |
| 10 फरवरी | मंगलवार | - |
| 12 फरवरी | गुरुवार | - |
| 14 फरवरी | शनिवार | वेलेंटाइन डे और शुभ मुहूर्त का मेल |
| 19 फरवरी | गुरुवार | - |
| 20 फरवरी | शुक्रवार | - |
| 21 फरवरी | शनिवार | - |
| 24 फरवरी | मंगलवार | - |
| 25 फरवरी | बुधवार | - |
| 26 फरवरी | गुरुवार | महीने का अंतिम विवाह मुहूर्त |
ध्यान देने वाली बात यह है कि 27 फरवरी 2026 से होलाष्टक का प्रारंभ हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र में होलाष्टक के आठ दिनों को शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना गया है। इसलिए, फरवरी के अंतिम सप्ताह के बाद सीधे होली के बाद ही विवाह के मुहूर्त मिलेंगे।
विशेष सलाह: हालांकि ये तिथियां पंचांग के अनुसार सामान्य रूप से शुभ हैं, लेकिन वर और वधू की जन्म कुंडली, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति के आधार पर सटीक समय (लग्न) निकलवाने के लिए अपने स्थानीय ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें।