होली 2026 की सही तिथि को लेकर असमंजस? जानें ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 3 मार्च या 4 मार्च, कब है होलिका दहन और कब खेली जाएगी रंगों वाली होली
By: Ajay Tiwari
Feb 08, 20264:50 PM
धर्म डेस्क. स्टार समाचार वेब
फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला रंगों का त्योहार 'होली' भारतीय संस्कृति का एक अभिन्न हिस्सा है। साल 2026 में होली की तारीख को लेकर लोगों के बीच काफी चर्चा है कि रंगों वाली होली 3 मार्च को खेली जाएगी या 4 मार्च को। ज्योतिष गणना और पंचांग के अनुसार, इस वर्ष तिथियों के समय और चंद्र ग्रहण के प्रभाव के कारण कुछ विशेष योग बन रहे हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि 2 मार्च 2026 की शाम से शुरू होकर 3 मार्च 2026 की दोपहर तक रहेगी। शास्त्रों के अनुसार, होलिका दहन हमेशा पूर्णिमा की रात (प्रदोष काल) में किया जाता है। इसके चलते होलिका दहन 2 मार्च 2026, सोमवार की रात को किया जाएगा। होलिका दहन के अगले दिन यानी 3 मार्च 2026, मंगलवार को मुख्य रूप से रंगों का त्योहार मनाया जाएगा।
साल 2026 की होली इसलिए भी खास है क्योंकि इस दौरान चंद्र ग्रहण की स्थिति बन रही है। हालांकि, ज्योतिषियों का मानना है कि यदि ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं है, तो इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। फिर भी, धार्मिक दृष्टि से संवेदनशील लोग दान-पुण्य और पूजा-पाठ के समय का विशेष ध्यान रख रहे हैं। पंडितों के अनुसार, ग्रहण का साया होली के उत्साह को कम नहीं करेगा, लेकिन शुभ मुहूर्त में होलिका पूजन करना फलदायी रहेगा।
2 मार्च की रात को भद्रा काल की समाप्ति के पश्चात होलिका दहन करना शास्त्र सम्मत माना गया है।
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 2 मार्च 2026 को शाम से।
होलिका दहन मुहूर्त: 2 मार्च की देर रात।
रंग खेलने का समय: 3 मार्च को सूर्योदय के पश्चात पूरे दिन।
उदया तिथि को मानने वाले कुछ क्षेत्रों में त्योहार अगले दिन भी मनाया जाता है, जिससे 4 मार्च की तारीख को लेकर भ्रम पैदा होता है। लेकिन अधिकांश विद्वानों और केंद्रीय पंचांगों के अनुसार, चूँकि पूर्णिमा 3 मार्च की दोपहर को समाप्त हो रही है, इसलिए प्रतिपदा तिथि (धुलेंडी) 3 मार्च को ही मान्य होगी। अतः देश के अधिकांश हिस्सों में 3 मार्च 2026 को ही अबीर-गुलाल उड़ाया जाएगा।