ईरानी मानवाधिकार कार्यकर्ता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को 8 फरवरी 2026 को 7.5 साल की नई सजा सुनाई गई। जेल में बंद मोहम्मदी पर राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ साजिश का आरोप है।
By: Ajay Tiwari
Feb 09, 20263:55 PM
ईरान। स्टार समाचार वेब
नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और मानवाधिकार कार्यकर्ता नरगिस मोहम्मदी को साढ़े सात साल की अतिरिक्त सजा 8 फरवरी 2026 को सुनाई गई है। उनके वकील मुस्तफा निली ने रविवार, 8 फरवरी 2026 को सोशल मीडिया (X) पर इस सजा की पुष्टि की।
उन्हें 'राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ मिलीभगत' के लिए 6 साल और 'शासन के खिलाफ दुष्प्रचार' के लिए 1.5 साल की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा उन पर 2 साल का यात्रा प्रतिबंध और 2 साल का आंतरिक निर्वासन (खोस्फ शहर में) भी लगाया गया है। यह कार्रवाई तब हुई जब उन्होंने अपनी गिरफ्तारी के विरोध में भूख हड़ताल शुरू की थी। ईरानी अधिकारी राज्य के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाने वाला बतातें हैं, वहीं उनके समर्थक उन शांति के लिए काम करने वाला बताते हैं।
कब किया गया था गिरफ्तार
उन्हें दिसंबर 2025 में मसहद शहर में एक मानवाधिकार वकील के स्मारक समारोह के दौरान गिरफ्तार किया गया था। नरगिस मोहम्मदी 2023 की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता हैं और लंबे समय से ईरान में महिलाओं के अधिकारों और मृत्युदंड के खिलाफ आवाज उठा रही हैं। वे पहले से ही कई अन्य मामलों में जेल की सजा काट रही हैं।
जेल में बंद थी जब मिला था नोबेल
2021 से वह राष्ट्रीय सुरक्षा के आरोपों में 13 साल की सजा काट रही हैं। उन्हें 2023 में ईरान में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ लड़ाई और सभी के लिए मानवाधिकार और स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया। जब वह तेहरान जेल में बंद थीं, तब उनके बच्चों ने ये पुरस्कार लिया था।
जानिए कौन है नरगिस मोहम्मदी
नरगिस मोहम्मदी (53) एक जानी-मानी ईरानी मानवाधिकार कार्यकर्ता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता हैं, जिन्होंने ईरान में महिलाओं पर होने वाले अत्याचार और राजनीतिक दमन के खिलाफ अभियान चलाया। नरगिस एक इंजीनियर और लेखिका के साथ-साथ मानवाधिकार रक्षक केंद्र (डीएचआरसी) की उपाध्यक्ष भी हैं। डीएचआरसी की स्थापना नोबेल पुरस्कार विजेता शिरीन एबादी ने की थी। उन्होंने बीते एक दशक का ज्यादातर समय जेल में बिताया है।