दीपावली से दो दिन पहले मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खराब श्रेणी में पहुंच गया है। MPPCB के आंकड़ों के अनुसार, कई स्थानों पर AQI 175 के पार है। वाहनों की भीड़, धूल और आतिशबाजी से बढ़ रहे इस प्रदूषण से स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा है। जानें मौजूदा स्थिति, कारण और बचाव के उपाय।

भोपाल. स्टार समाचार वेब
दीपावली के आगमन से ठीक पहले, मध्य प्रदेश के प्रमुख महानगरीय क्षेत्रों में वायु प्रदूषण का स्तर चिंताजनक रूप से बढ़ गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB) के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी भोपाल सहित इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अब 'मध्यम' से 'खराब' श्रेणी में दर्ज किया जा रहा है। कुछ क्षेत्रों में AQI 175 के निशान को पार कर गया है, जो विशेष रूप से सांस की बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए खतरनाक है।
वर्तमान वायु गुणवत्ता स्थिति
| शहर | AQI स्तर (अनुमानित) | श्रेणी |
| भोपाल | 170–180 | खराब (Poor) |
| इंदौर | 140–150 | मध्यम–खराब |
|
ग्वालियर | 175–190 | खराब |
| जबलपुर | 130–140 | मध्यम |
| 110–120 | मध्यम |
प्रदूषण बढ़ने के मुख्य कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, AQI जब 150 से ऊपर जाता है, तो अस्थमा, एलर्जी, सांस लेने में तकलीफ और सीने में जलन जैसी स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं। इस दौरान बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं सबसे अधिक संवेदनशील होती हैं। 'खराब' श्रेणी में लंबे समय तक रहना फेफड़ों और हृदय को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि त्योहार के मुख्य दिन (19-20 अक्टूबर) पर हवा की स्थिरता और बढ़ सकती है। यदि आतिशबाजी बड़े पैमाने पर हुई, तो AQI के 200 से अधिक, यानी 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंचने की प्रबल आशंका है। विशेषज्ञों ने अपील की है कि दीपावली खुशियों का पर्व है, लेकिन स्वस्थ जीवन के लिए स्वच्छ हवा भी उतनी ही जरूरी है। त्योहार को जिम्मेदारी के साथ मनाएं।

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