नेपाल में राजनीतिक उथल-पुथल के बाद सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। जानें, नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रह चुकीं सुशीला कार्की के बारे में, उनका भारत से रिश्ता और नेपाल के मौजूदा हालात।
By: Ajay Tiwari
Sep 12, 20259:00 PM
नेपाल. स्टार समाचार वेब.
नेपाल में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच देश को अंतरिम प्रधानमंत्री मिल गया है। नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रह चुकीं सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया है। तख्तापलट के तीन दिन बाद सेना, राष्ट्रपति और युवा (Gen-Z) नेताओं के बीच कई दौर की बैठकों के बाद उनके नाम का फैसला हुआ। युवा आंदोलनकारियों की मांग पर, नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संसद को भंग कर दिया है।
इस बीच, नेपाल में चल रहे भ्रष्टाचार विरोधी और सोशल मीडिया बैन के खिलाफ आंदोलन के दौरान भारतीय पत्रकारों पर हमले की कई घटनाएं सामने आई हैं। आज भी दो भारतीय पत्रकारों के साथ मारपीट और बदसलूकी की गई।
गौरतलब है कि 9 सितंबर को युवा आंदोलनकारियों ने नेपाल में तख्तापलट किया था, जिसके बाद संसद, राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री ओली के निजी आवासों को आग लगा दी गई थी। इस हिंसा में अब तक 51 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
सुशीला कार्की के बारे में...
कानूनी और राजनीतिक करियर:
वकालत: सुशीला कार्की ने 1979 में विराटनगर में वकालत की शुरुआत की।
न्यायपालिका: 2009 में वह सर्वोच्च न्यायालय में एड-हॉक न्यायाधीश नियुक्त हुईं और 2010 में स्थायी न्यायाधीश बनीं।
मुख्य न्यायाधीश: 11 जुलाई 2016 को वह नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनीं और 7 जून 2017 तक इस पद पर रहीं। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया।
अंतरिम प्रधानमंत्री: नेपाल में हाल ही में हुए तख्तापलट के बाद, उन्हें अंतरिम प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उन्होंने 'न्याय' नामक एक आत्मकथा भी लिखी है।