नेपाल में राजनीतिक उथल-पुथल के बाद सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। जानें, नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रह चुकीं सुशीला कार्की के बारे में, उनका भारत से रिश्ता और नेपाल के मौजूदा हालात।

नेपाल. स्टार समाचार वेब.
नेपाल में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच देश को अंतरिम प्रधानमंत्री मिल गया है। नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रह चुकीं सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया है। तख्तापलट के तीन दिन बाद सेना, राष्ट्रपति और युवा (Gen-Z) नेताओं के बीच कई दौर की बैठकों के बाद उनके नाम का फैसला हुआ। युवा आंदोलनकारियों की मांग पर, नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संसद को भंग कर दिया है।
इस बीच, नेपाल में चल रहे भ्रष्टाचार विरोधी और सोशल मीडिया बैन के खिलाफ आंदोलन के दौरान भारतीय पत्रकारों पर हमले की कई घटनाएं सामने आई हैं। आज भी दो भारतीय पत्रकारों के साथ मारपीट और बदसलूकी की गई।
गौरतलब है कि 9 सितंबर को युवा आंदोलनकारियों ने नेपाल में तख्तापलट किया था, जिसके बाद संसद, राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री ओली के निजी आवासों को आग लगा दी गई थी। इस हिंसा में अब तक 51 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
सुशीला कार्की के बारे में...
कानूनी और राजनीतिक करियर:
वकालत: सुशीला कार्की ने 1979 में विराटनगर में वकालत की शुरुआत की।
न्यायपालिका: 2009 में वह सर्वोच्च न्यायालय में एड-हॉक न्यायाधीश नियुक्त हुईं और 2010 में स्थायी न्यायाधीश बनीं।
मुख्य न्यायाधीश: 11 जुलाई 2016 को वह नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनीं और 7 जून 2017 तक इस पद पर रहीं। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया।
अंतरिम प्रधानमंत्री: नेपाल में हाल ही में हुए तख्तापलट के बाद, उन्हें अंतरिम प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उन्होंने 'न्याय' नामक एक आत्मकथा भी लिखी है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
ईरान युद्ध के बीच अमेरिका को भारी नुकसान। F-15E और A-10 फाइटर जेट समेत दो ब्लैकहॉक हेलिकॉप्टर पर हमला। जानें राष्ट्रपति ट्रम्प के दावों और जमीनी हकीकत की पूरी रिपोर्ट।
इजराइल ने ईरान के महशहर पेट्रोकेमिकल इकोनॉमिक जोन और सैन्य ठिकानों पर भीषण हमला किया है। ईरान ने अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान गिराने का दावा किया। जानें मध्य-पूर्व के इस युद्ध की ताजा अपडेट।
पिछले पांच हफ्तों से जारी ईरान-अमेरिका युद्ध अब अपने सबसे खतरनाक और अनिश्चित दौर में पहुंच गया है। पिछले 24 घंटों के भीतर ईरान ने दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मार गिराया है, जबकि बचाव अभियान में लगे दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर भी ईरानी हमले की चपेट में आ गए हैं।
ईरान की IRGC ने अमेरिका के F-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा किया है। जानें क्या है इस वायरल खबर की सच्चाई और अमेरिकी सेंट्रल कमांड का इस पर क्या जवाब है।
पाकिस्तान ने एक बार फिर अपने नागरिकों पर महंगाई का बम फोड़ दिया है। डीजल और पेट्रोल की कीमतें 50 फीसदी से ज्यादा बढ़ा दीं। एक महीने से भी कम समय में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। यह बढ़ोतरी मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक तेल कीमतों में हो रही तेज वृद्धि के चलते की गई है।
रूसी सैन्य परिवहन विमान एएन-26 एक चट्टान से टकराकर क्रैश हो गया। हादसे में विमान में सवार 29 लोगों की मौत हो गई। यह दुर्घटना संभवत: किसी तकनीकी खराबी के कारण हुई है। विमान के क्रैश होने के कारणों की पड़ताल की जा रही है।
मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में तनाव चरम पर पहुँच गया है। ताजा घटनाक्रम में अमेरिका ने ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर इस्फहान में एक विशाल हथियार डिपो को निशाना बनाते हुए भीषण हवाई हमला किया है।
ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघर गालिबफ ने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी दी है कि ईरानी सेना किसी भी हमले का करारा जवाब देगी। जानें होर्मुज स्ट्रेट और अमेरिकी ठिकानों पर ईरान का क्या है नया रुख।
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में क्वेटा के पास गैस पाइपलाइन को बम से उड़ाने की घटना ने देश में ऊर्जा संकट को गहरा दिया है। जानें कैसे उग्रवादी संगठनों ने गैस बुनियादी ढांचे को एक रणनीतिक हथियार बना लिया है।