पीएम मोदी ने राजकोट में वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन को संबोधित किया। जानें भारत की आर्थिक प्रगति, ग्रीन एनर्जी हब और नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स पर पीएम का पूरा बयान।
By: Ajay Tiwari
Jan 11, 20265:04 PM
नया मंत्र: 'विकास भी विरासत भी' के साथ आगे बढ़ रहा है नया भारत।
ग्रीन एनर्जी: कच्छ बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क।
टैक्स रिफॉर्म: आधुनिक इनकम टैक्स कानून से करोड़ों करदाताओं को मिला लाभ।
वैश्विक प्रभाव: रवांडा में गिर गायों के उपहार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली मजबूती का उदाहरण।
राजकोट: स्टार समाचार वेब
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीन दिवसीय गुजरात दौरे की शुरुआत आध्यात्मिक और विकासवादी संदेश के साथ की। शनिवार,(10 जनवरी 2026) को सोमनाथ मंदिर में दर्शन के बाद पीएम मोदी ने राजकोट में आयोजित 'वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन' को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत की बढ़ती वैश्विक धमक का जिक्र करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया की निगाहें भारत पर टिकी हैं और देश दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी पहचान बना चुका है।

प्रधानमंत्री ने देश की उपलब्धियों को आंकड़ों के जरिए रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दहलीज पर खड़ा है। पीएम मोदी ने बताया कि भारत आज UPI के जरिए दुनिया का नंबर-1 रियल-टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन प्लेटफॉर्म बन चुका है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता और तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। मेट्रो नेटवर्क और एविएशन सेक्टर के विस्तार में भारत दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शामिल है। दूध उत्पादन में भारत वैश्विक स्तर पर प्रथम स्थान पर है, जबकि जेनेरिक दवाओं और वैक्सीन निर्माण में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कच्छ और सौराष्ट्र के निवासियों के जज्बे की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस कच्छ ने विनाशकारी भूकंप झेला और जिस सौराष्ट्र ने दशकों तक सूखे का सामना किया, आज वही क्षेत्र भारत की तरक्की का आधार बन रहे हैं। कच्छ में बन रहा 30 गीगावाट का रिन्यूएबल एनर्जी पार्क (जो पेरिस से पांच गुना बड़ा है) दुनिया का सबसे बड़ा हाइब्रिड पार्क होगा। उन्होंने जामनगर और कच्छ को ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के वैश्विक केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।
पीएम मोदी ने देश में हो रहे नीतिगत बदलावों का जिक्र करते हुए इसे 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' करार दिया। उन्होंने कहा कि नेक्स्ट जेनरेशन GST रिफॉर्म, छह दशक बाद आधुनिक किए गए इनकम टैक्स कानून और ऐतिहासिक लेबर रिफॉर्म्स ने उद्योग जगत और आम जनता दोनों के लिए राह आसान की है। उन्होंने वैश्विक निवेशकों से अपील की कि वे सौराष्ट्र और कच्छ में निवेश करने में देरी न करें, क्योंकि यह निवेश देश के भविष्य के निर्माण में सहायक होगा।