पीएम मोदी दिल्ली में एल. मुरुगन के निवास पर पोंगल उत्सव में शामिल हुए। उन्होंने गौ सेवा की और तमिल संस्कृति को वैश्विक धरोहर बताते हुए प्रकृति संरक्षण व किसानों के महत्व पर जोर दिया।
By: Ajay Tiwari
Jan 14, 202612:08 PM
नई दिल्ली. स्टार समाचार वेब
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में केंद्रीय राज्यमंत्री एल. मुरुगन के आवास पर आयोजित पोंगल उत्सव में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ उत्सव मनाया और गायों को चारा खिलाकर गौ सेवा भी की। प्रधानमंत्री ने इस पर्व के सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे भारत की एकता का प्रतीक बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि पोंगल केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है। उन्होंने कहा प्रकृति की सेवा को हमें अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाना चाहिए। मिट्टी के स्वास्थ्य को बनाए रखना, जल संरक्षण और संसाधनों का संतुलित उपयोग करना हमारा सामूहिक दायित्व है। जब यह धरती हमें जीवन देती है, तो इसे संजोना और सुरक्षित रखना अगली पीढ़ी के प्रति हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
पीएम मोदी ने तमिल संस्कृति की सराहना करते हुए इसे पूरी दुनिया की साझा विरासत करार दिया। उन्होंने कहा कि आज पोंगल एक वैश्विक त्योहार बन चुका है, जिसे दुनिया के कोने-कोने में मनाया जा रहा है। पिछले एक वर्ष में तमिल संस्कृति से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि यह संस्कृति भारत की विविधता और शक्ति का प्रतिबिंब है।

तमिल साहित्य के महान ग्रंथ 'तिरुक्कुरल' का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसमें कृषि और किसानों को जीवन की आधारशिला बताया गया है। उन्होंने कहा कि हमारे किसान राष्ट्र निर्माण के सबसे मजबूत स्तंभ हैं। दुनिया की लगभग सभी महान सभ्यताओं में फसलों से जुड़ा कोई न कोई पर्व मनाया जाता है, जो यह दर्शाता है कि मानव जीवन और कृषि का गहरा संबंध है।
पोंगल के साथ-साथ प्रधानमंत्री ने देशवासियों को मकर संक्रांति की भी बधाई दी। उन्होंने भगवान सूर्य से सभी के सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने अपने संदेश में उल्लेख किया कि सूर्य का उत्तरायण होना सकारात्मकता का प्रतीक है और भगवान सूर्य के आशीर्वाद से सभी बाधाएं और दोष दूर होते हैं।