रक्षाबंधन करीब है और ऐसे में जानें भारत के उन प्रमुख शहरों और क्षेत्रों के बारे में जहाँ बड़ी मात्रा में राखियों का निर्माण होता है। ये केंद्र देश-विदेश में राखियों की मांग को पूरा करते हैं।

भोपाल. स्टार समाचार वेब.
क्या आप जानते हैं.. रक्षा सूत्र (राखियां) जो राखी पर बहना आपके हाथ पर बांधती हैं। वे बनती कहां हैं. देश में 50 से 60% राखियां बंगाल में बनती हैं, जो देश से बाहर भी भेजी जाती है। चलिए बताते हैं.. वह शहर जहां राखियां बनाई जाती हैं।
भारत में राखी बनाने के कई प्रमुख केंद्र हैं, जो देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी खास पहचान रखते हैं। ये केंद्र न सिर्फ घरेलू बाजार की जरूरतों को पूरा करते हैं, बल्कि कुछ जगहों से राखियों का निर्यात भी होता है।

कोलकाता, पश्चिम बंगाल: कोलकाता राखी निर्माण के सबसे बड़े केंद्रों में से एक है। देश के कुल राखी कारोबार में बंगाल का हिस्सा 50 से 60 प्रतिशत तक है। यह शहर विशेष रूप से सिल्क राखियों के निर्माण के लिए जाना जाता है, जिनमें बारीक डिज़ाइन और पारंपरिक तत्व शामिल होते हैं।
दिल्ली (विशेषकर सदर बाजार, किनेरी बाजार): दिल्ली भारत के थोक व्यापार का केंद्र रहा है, और त्योहारों के उत्पादों के लिए यह एक प्रमुख केंद्र है। सदर बाजार राखियों की सबसे विस्तृत श्रृंखला, पारंपरिक से लेकर आधुनिक और ट्रेंडी शैलियों तक, के लिए एक हलचल भरा केंद्र है। किनेरी बाजार भी अपने उत्सव संबंधी सामानों और हाथ से बनी सुंदर राखियों के लिए जाना जाता है। दिल्ली में कार्टून राखियों (बच्चों के लिए) का भी बड़े पैमाने पर निर्माण होता है।
जयपुर, राजस्थान: जयपुर अपनी समृद्ध संस्कृति और शिल्प कौशल के लिए प्रसिद्ध है, और यह राखी उत्पादन के शीर्ष शहरों में से एक है। यहाँ स्टोन राखियाँ (विभिन्न प्रकार के पत्थरों के काम वाली) बहुत पसंद की जाती हैं। आपको नाहरगढ़ रोड और गंगा माता की गली में किफायती और आकर्षक राखियों की भरमार मिलेगी।
आगरा, उत्तर प्रदेश: ताज नगरी आगरा भी राखी उत्पादन का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यह शहर विभिन्न त्योहारों के लिए कई उत्सव संबंधी आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन के लिए जाना जाता है। आगरा कई प्रकार की फैंसी राखियां प्रदान करता है जो एक उत्तम पारंपरिक रूप देती हैं।

लखनऊ, उत्तर प्रदेश: नवाबों का शहर लखनऊ भी राखी बनाने वाले प्रमुख स्थानों में से एक है।
अहमदाबाद और सूरत, गुजरात: अहमदाबाद संस्कृति और आधुनिकता का एक उत्कृष्ट संतुलन प्रस्तुत करता है और राखी उत्पादन में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। सूरत, जिसे भारत की "डायमंड सिटी" भी कहा जाता है, चांदी और सोने की परत वाली राखियों के निर्माण के लिए जाना जाता है। यहाँ महंगी और आकर्षक राखियां बनाई जाती हैं।
मुंबई, महाराष्ट्र (विशेषकर बायकुला/भायखला मार्केट): मुंबई का बायकुला मार्केट एक प्रसिद्ध थोक बाजार है जो राखी के समय काफी चहल-पहल वाला होता है। यह शहर विशेष रूप से कार्टून राखियों के निर्माण के लिए भी प्रसिद्ध है, जिनमें बच्चों के पसंदीदा पात्रों के रूपांकन होते हैं।
वाराणसी, उत्तर प्रदेश: वाराणसी अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के अलावा, अपनी हथकरघा उद्योग के लिए भी जाना जाता है। यहाँ जटिल डिजाइन वाली राखियों का निर्माण होता है।
मैसूर, कर्नाटक: मैसूर क्षेत्र से मिलने वाली चंदन की लकड़ी को उच्च गुणवत्ता का माना जाता है, इसलिए यहाँ चंदन की राखियां बड़ी मात्रा में बनाई जाती हैं, जिनमें चंदन के टुकड़े और सुगंध का उपयोग होता है।
दक्षिण भारत (सामान्य रूप से): दक्षिण भारत में जरी राखियां बनाने का चलन है। जरी एक प्रकार का धागा है जो महीन सोने या चांदी के तार से बना होता है, जिसका उपयोग राखियों पर जटिल पैटर्न बनाने के लिए किया जाता है।

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