सतना में पांच साल पुराने बिजली चोरी मामले में अदालत ने आरपी इंडस्ट्रीज के संचालक नील गगन सिंह ‘पन्नू’ को 3 साल की कैद और 23.86 लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला 70 किलोवाट बिजली चोरी और 20.73 लाख की रिकवरी न चुकाने से जुड़ा है। इस फैसले के बाद 210 ऐसे उपभोक्ताओं में हड़कंप है, जिनके बिजली चोरी के प्रकरण न्यायालय में लंबित हैं।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
बिजली चोरी के एक पांच साल पुराने मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने एक विद्युत उपभोक्ता को 3 साल की कैद के साथ 23 लाख से अधिक के जुर्माने की सजा सुनाई है। बिजली चोरी के मामले में अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद उन विद्युत उपभोक्ताओंं के बीच खलबली मच गई है जिनके ऐसे ही प्रकरण लंबित चल रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मौजूदा समय पर ऐसे 210 प्रकरण लंबित हैं।
औद्योगिक कनेक्शन में मिली थी गफलत
दरअसल डिलौरा बायपास में नील गगन सिंह की आरपी इंडस्ट्रीज नामक औद्योगिक संस्थान है, जहां 11 दिसंबर 2020 को विद्युत कंपनी की विजिलेंस टीम ने छापा मारा था। उस दौरान विद्युत कंपनी की जांच टीम में शामिल तत्कालीन कार्यपालन अभियंता मृगेंद्र चंदेल, राज कुमार पांडे , आर एस सिंगरौल सहायक अभियंता सुश्री प्रज्ञा पांडे , गौरव दुबे,और अखिलेश पाटीदार ने आरपी इंडस्ट्रीज के कनेक्शन , मीटर आदि की जांच करने के बाद पाया था कि उक्त कनेक्शन में 70 किलोवाट की चोरी हुई है। तमाम पहलुओं की जांच करने के बाद बिजली चोरी प्रमाणित होने पर जांच टीम द्वारा उस दौरान 20.73 लाख की रिकवरी निकाली गई और आरपी इंडस्ट्रीज के नील गगन सिंह ‘पन्नू’ को जमा करने के निर्देश दिए गए जिसकी नीलगगन द्वारा अवहेलना की जाती रही।
लगगातार नोटिस देने के बाद भी जब रिकवरी जमा न हुई तो प्रकरण बिजली विभाग के शहर संभाग कार्यालय से विशेष न्यायालय में चला गया। न्यायालय ने प्रकरण में दोनो पक्षों की सुनवाई की और तमाम तर्क , दलीलों व साक्ष्यों का अध्ययन करने के बाद 3 साल के कारावास और 23 लाख 86 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई, जिसके बाद आरोपी नील गगन सिंह को जेल भेज दिया गया है। बिजली चोरी के मामले में रिकवरी न जमा करने के चलते एक औद्योगिक संस्थान के संचालक को जेल भेजने की खबर जैसे ही आई उन विद्युत उपभोक्ताओं के बीच हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई जो ऐसे ही बकाए के चलते न्यायालयीन प्रकरणों का सामना कर रहे हैं। विद्युत विभाग की ओर से न्यायालय में प्रकरण की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता डीके गौतम ने की।
630 प्रकरण कोर्ट के लिए चयनित
बिजली विभाग ने न्यायालय के लिए फिलहाल 630 प्रकरण चयनित किए हैं। शहर संभाग के कार्यपालन अभियंता नीलाभ श्रीवास्तव ने बताया कि वर्तमान में 210 केस लंबित है, जबकि विभाग ने 630 प्रकरण न्यायालय में लगाने के लिए चयनित किए हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को नोटिस जारी की गई है ताकि वे बकाया की राशि जमा कर न्यायालयीन कार्रवाई से बच सकें। नीलाभ के अनुसार विभागीय स्तर पर विद्युत चोरी के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। जिनके प्रकरण है उन्हें तत्काल रिकवरी जमा करने को कहा गया है।

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