सुप्रीम कोर्ट ने मनोज बाजपेयी की फिल्म 'घूसखोर पंडत' के टाइटल पर नीरज पांडे को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि जब तक नाम नहीं बदला जाता, फिल्म रिलीज नहीं होगी।
By: Ajay Tiwari
Feb 12, 20264:26 PM
Highlights: "घूसखोर पंडत"
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब. एंटरटेंमेंट डेस्क
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता मनोज बाजपेयी और मशहूर फिल्ममेकर नीरज पांडे की आगामी फिल्म 'घूसखोर पंडत' कानूनी पचड़ों में फंस गई है। सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म के शीर्षक (Title) पर कड़ा ऐतराज जताते हुए फिल्म निर्माताओं को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक फिल्म का नाम नहीं बदला जाता, इसे रिलीज करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट : "समाज को बदनाम न करें"
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने फिल्ममेकर नीरज पांडे से सीधा सवाल किया कि इस तरह के टाइटल का इस्तेमाल कर समाज के एक विशेष वर्ग को निशाना क्यों बनाया जा रहा है? "आप ऐसा टाइटल इस्तेमाल करके समाज के एक हिस्से को क्यों बदनाम कर रहे हैं? यह नैतिकता (Morality) और पब्लिक ऑर्डर के खिलाफ है। जब तक आप हमें बदला हुआ टाइटल नहीं बताते, हम फिल्म रिलीज नहीं करने देंगे।"
अदालत ने इस मामले में केंद्र सरकार, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) और नीरज पांडे को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह नोटिस नेटफ्लिक्स पर फिल्म की रिलीज रोकने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया।
विवाद की जड़: 'इंडिया प्लान 2026' और टीजर
इस पूरे विवाद की शुरुआत 3 फरवरी 2026 को हुई, जब ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स (Netflix) ने अपने वार्षिक 'इंडिया प्लान' की घोषणा की। इस दौरान फिल्म का टीजर जारी किया गया, जिसमें मनोज बाजपेयी एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी की भूमिका में नजर आ रहे हैं, जिसे महकमे में 'पंडत' कहकर संबोधित किया जाता है। जैसे ही फिल्म का नाम 'घूसखोर पंडत' सामने आया, सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक विरोध शुरू हो गया। लोगों का तर्क है कि यह शीर्षक एक विशेष समुदाय की छवि को धूमिल करता है।
फिल्म की कहानी और विवादित किरदार
फिल्म में मनोज बाजपेयी का किरदार एक ऐसे पुलिस ऑफिसर का है जो भ्रष्टाचार में लिप्त है। फिल्म के शीर्षक और पुलिस महकमे में जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल ने विवाद को हवा दी। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि रचनात्मक स्वतंत्रता के नाम पर किसी जाति या समुदाय का अपमान स्वीकार्य नहीं है, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँचा।