कर्नाटक में सिद्धारमैया सरकार के ढाई साल पूरे होते ही मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर डीके शिवकुमार खेमा मुखर हो गया है। ढाई-ढाई साल के कथित फॉर्मूले पर शुरू हुई यह वर्चस्व की जंग अब कांग्रेस हाईकमान के पाले में है। आंतरिक कलह से शासन प्रभावित हो रहा है और बीजेपी 'वेट एंड वॉच' की रणनीति अपना रही है। जानिए क्या कांग्रेस के हाथ से निकल जाएगा यह बड़ा किला?
देश में कांग्रेस की कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। पार्टी के नेताओं में कुर्सी के लिए खींचतान शुरू है। दरअसल, बिहार चुनाव में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पार्टी के भीतर असंतोष फिर सामने आने लगा है।
सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त दवा मुहैया कराने में बिहार लगातार 11 महीने से अव्वल है। राज्य को यह खिताब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के डीवीडीएमएस केंद्रीय डैशबोर्ड की ओर से मासिक राज्य रैंकिंग में मिला है।
राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने शनिवार को दावा किया कि उनका नाम इलेक्शन कमीशन द्वारा शुक्रवार को बिहार के लिए जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है। पटना में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान तेजस्वी ने कहा- मैंने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान गणना फॉर्म भरा था, लेकिन ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में मेरा नाम नहीं है।
















