भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की एमपीसी बैठक के नतीजे का ऐलान किया गया है। रेपो रेट में बदलावा नहीं किया गया है। आबीआई गर्वनर संजय मल्होत्रा ने जानकारी दी है।
ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत की GDP ग्रोथ पर नए आंकड़े जारी किए हैं। मजबूत बैंकिंग सिस्टम, भारत-अमेरिका ट्रेड डील और टैक्स छूट के कारण भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ने बनाया नया रिकॉर्ड! 30 जनवरी को समाप्त सप्ताह में फॉरेक्स रिजर्व $723.77 अरब के स्तर पर पहुँचा। जानें सोने के भंडार और रुपये की स्थिति।
आरबीआई की ताजा रिपोर्ट के अनुसार डिजिटल लेनदेन बढ़ने से एटीएम की संख्या में गिरावट आई है। हालांकि, बैंकों की फिजिकल ब्रांच की संख्या 1.64 लाख के पार पहुँच गई है। जानें बैंकिंग सेक्टर के बदलते रुझान
28 नवंबर को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार $686 अरब रह गया, जिसमें लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट आई है। हालांकि, सोने के भंडार में $1.6 अरब की वृद्धि दर्ज की गई।
RBI ने बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) अकाउंट में बड़े बदलाव किए हैं। जानें अनलिमिटेड डिपॉजिट, 4 फ्री विड्रॉल, 25 पन्नों की चेकबुक, और डिजिटल ट्रांजैक्शन पर कोई शुल्क नहीं लगने जैसे नए नियम।
RBI के अनुसार दिसंबर 2025 में बैंकों की 18 छुट्टियां। अगले सप्ताह (8-14 दिसंबर) कोच्चि, शिलांग समेत 4 दिन बैंक बंद रहेंगे। अपनी बैंकिंग प्लान करें।
रिजर्व बैंक की एमपीसी की बैठक शुक्रवार को खत्म हो गई। इस बैठक में ब्याज दरों को लेकर फैसला लिया गया। भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट घटा दिया है। अब रेपो रेट 5.50 प्रतिशत से कम होकर 5.25 फीसदी हो गया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि रेपो रेट में कटौती तत्काल प्रभाव से लागू होगी।
अभी हाल ही में आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है, जो पिछले वित्त वर्ष की 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर से बेहतर है। वहीं आज एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर अनुमान जताया है।
बंगलूरु में फर्जी आरबीआई अधिकारी बनकर कुछ बदमाशों ने कैश वैन रुकवा ली, जिसके बाद कागज जांच करने के नाम पर 7 करोड़ लूटकर फरार हो गए। इस घटना के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वहीं कर्नाटक के गृह मंत्री एच परमेश्वर ने कहा कि बंगलूरू में शायद ऐसी घटना पहले कभी नहीं हुई।






















