रीवा में लोकायुक्त ने पीडब्ल्यूडी के प्रभारी मुख्य अभियंता केके लच्छे और सहयोगी धर्मवीर भारती को 50 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा। गुणवत्ता जांच का काम दिलाने के बदले एक लाख मासिक मांगने का आरोप।
रीवा लोक निर्माण विभाग के प्रभारी मुख्य अभियंता केके लच्छे और सहयोगी धर्मवीर भारती को लोकायुक्त ने 50 हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा। गुणवत्ता जांच का काम दिलाने के बदले हर माह एक लाख मांगने का आरोप।
चित्रकूट विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए एसडीओ अश्वनी निगम को हटाने की मांग की। विरोध के बाद विभाग ने एसडीओ को प्रभार से हटा दिया।
रीवा में नीम चौराहा से स्टेडियम तिराहा सड़क निर्माण कार्य दो वर्ष की देरी के बाद शुरू हुआ है। निर्माण एजेंसी, तकनीकी मानकों और कार्य गुणवत्ता को लेकर स्थानीय स्तर पर कई सवाल उठ रहे हैं।
सतना-सेमरिया मार्ग के निर्माण के लिए 87.50 करोड़ रुपये स्वीकृत होने के बावजूद कार्य शुरू नहीं हुआ। जर्जर सड़क, गड्ढों और रखरखाव की कमी से ग्रामीणों व यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सतना-सेमरिया मार्ग की जर्जर हालत से लोग परेशान हैं। करीब पांच करोड़ के टेंडर के बावजूद डामरीकरण शुरू नहीं हुआ। तीन साल से सैकड़ों गड्ढों वाली सड़क पर पैचवर्क हो रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
आज की बड़ी खबरें: भारत-फ्रांस के बीच 114 राफेल जेट का महासौदा। मध्य प्रदेश में रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारी और एपस्टीन फाइल विवाद पर पहली FIR। पढ़ें देश-प्रदेश का पूरा अपडेट।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में भवन विकास निगम के PMS 2.0 पोर्टल का शुभारंभ किया और इंजीनियर्स को आधुनिक विश्वकर्मा बताया। जानें निर्माण क्षेत्र के नए संकल्प और समझौतों के बारे में।
मध्यप्रदेश की मोहन सरकार के दो साल पूरे होने पर आज गुरुवार को पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने अपने विभाग के कामकाज और आगामी कार्य योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही सड़क, रोपवे, टाइगर कॉरिडोर, सॉफ्टवेयर निगरानी और 30 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट बताए।
रीवा जिले में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में फर्जी भुगतान का बड़ा घोटाला सामने आया है। रायपुर–भलुहा–मनगवां रोड, जिसका निर्माण एमपीआरडीसी के अधीन था, उसके नाम पर फर्जी मेजरमेंट बुक बनाकर एक करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान कर दिया गया। इस घोटाले में तत्कालीन कार्यपालन यंत्री केके गर्ग और एसडीओ ओंकार मिश्रा की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। चीफ इंजीनियर आर.एल. वर्मा ने मामले पर टिप्पणी से इंकार किया है।






















