सतना-सेमरिया मार्ग की जर्जर हालत से लोग परेशान हैं। करीब पांच करोड़ के टेंडर के बावजूद डामरीकरण शुरू नहीं हुआ। तीन साल से सैकड़ों गड्ढों वाली सड़क पर पैचवर्क हो रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
आज की बड़ी खबरें: भारत-फ्रांस के बीच 114 राफेल जेट का महासौदा। मध्य प्रदेश में रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारी और एपस्टीन फाइल विवाद पर पहली FIR। पढ़ें देश-प्रदेश का पूरा अपडेट।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में भवन विकास निगम के PMS 2.0 पोर्टल का शुभारंभ किया और इंजीनियर्स को आधुनिक विश्वकर्मा बताया। जानें निर्माण क्षेत्र के नए संकल्प और समझौतों के बारे में।
मध्यप्रदेश की मोहन सरकार के दो साल पूरे होने पर आज गुरुवार को पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने अपने विभाग के कामकाज और आगामी कार्य योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही सड़क, रोपवे, टाइगर कॉरिडोर, सॉफ्टवेयर निगरानी और 30 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट बताए।
रीवा जिले में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में फर्जी भुगतान का बड़ा घोटाला सामने आया है। रायपुर–भलुहा–मनगवां रोड, जिसका निर्माण एमपीआरडीसी के अधीन था, उसके नाम पर फर्जी मेजरमेंट बुक बनाकर एक करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान कर दिया गया। इस घोटाले में तत्कालीन कार्यपालन यंत्री केके गर्ग और एसडीओ ओंकार मिश्रा की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। चीफ इंजीनियर आर.एल. वर्मा ने मामले पर टिप्पणी से इंकार किया है।
रीवा के 150 करोड़ के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एक्स-रे विभाग की दीवार और पिलर में दरार आ गई है। पहले से ही सीवेज, सीपेज और फॉल सीलिंग गिरने जैसी खामियों से घिरे इस अस्पताल की गुणवत्ता पर फिर सवाल उठे हैं। पीडब्ल्यूडी की लापरवाही से मरीजों की जान पर संकट।
रीवा का सिरमौर फ्लाईओवर पूरी तरह बदहाल हो गया है। डामर बह चुका है, जगह-जगह गड्ढे हैं और धूल का गुबार उड़ रहा है। करोड़ों की लागत से बने इस फ्लाईओवर के मेंटेनेंस में पीडब्ल्यूडी नाकाम रहा है।
सीधी जिले की धौहनी विधानसभा में ठोंगा से जमुआ तक बनने वाली 3.30 किमी सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। 2.77 करोड़ की लागत से बनी इस सड़क में मुख्य अभियंता की जांच में गंभीर कमियां उजागर हुईं। सड़क की मोटाई, बिटुमिनस लेयर और गुणवत्ता तकनीकी प्राक्कलन से कम पाई गई। ठेकेदार और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की मिलीभगत पर सवाल।
रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आधी रात न्यूरोलॉजी वार्ड की फॉल सीलिंग भरभरा कर गिर गई। मरीज जान बचाकर भागे, कई घायल हुए, लेकिन जनहानि नहीं हुई। अस्पताल प्रबंधन ने पीडब्ल्यूडी को फॉल सीलिंग हटाने के लिए पत्र लिखने की बात कही।
सतना जिले में पीडब्ल्यूडी की जमीन पर बिना एनओसी के विद्युत विभाग द्वारा पोल गाड़े जा रहे हैं। सुरक्षा मानकों की अनदेखी और सौ से ज्यादा पेड़ों की कटाई से क्षेत्र में नाराजगी है। पत्राचार तक सीमित पीडब्ल्यूडी की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल।






















