रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आधी रात न्यूरोलॉजी वार्ड की फॉल सीलिंग भरभरा कर गिर गई। मरीज जान बचाकर भागे, कई घायल हुए, लेकिन जनहानि नहीं हुई। अस्पताल प्रबंधन ने पीडब्ल्यूडी को फॉल सीलिंग हटाने के लिए पत्र लिखने की बात कही।

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में बड़ा हादस हो गया। आधी रात को मरीजों पर ही फॉल सीलिंग गिर गई। मरीज जान बचाकर वार्ड छोड़कर भागे। कई मरीज हताहत हुए। मौके पर पहुंचे स्टाफ ने मरीजों को सुरक्षित निकाला और दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया। मिली जानकारी के अनुसार यह घटना मंगलवार बुधवार की रात करीब 2 से 3 बजे की बताई जा रही है। सुपर स्पेशलिटी के तृतीय तल पर न्यूरोलॉजी विभाग में लगी फॉल सीलिंग अचानक भरभरा कर गिरने लगी। इस दौरान वार्ड में मरीज, उनके परिजन, नर्स, वार्ड ब्वाय और डॉक्टर भी मौजूद थे। अचानक फॉल सीलिंग गिरने से सभी सदमे में आ गए। फॉल सीलिंग मरीजों के ऊपर जा गिरी। किसी को कुछ समझ नहीं आया। पहले
तो मौके पर मौजूद मरीज और स्टाफ ने भूकंप के कारण ऐसा होना सोचा लेकिन बाद में पता चला कि यह खराब कार्यों के कारण हुआ है। फॉल सीलिंग गिरने से कई मरीज और उनके परिजन हताहत हुए। मौके पर सुरक्षाकर्मी पहुंचे। सभी मरीजों को सुरक्षित वार्ड से बाहर निकाला गया और दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया। किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। इस हादसे ने मरीजों को डरा दिया है। कर्मचारी भी डरे हुए हैं।
इसके पहले भी गिर चुकी है फॉल सीलिंग
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में फॉल सीलिंग गिरने का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी कई मर्तबा फॉल सीलिंग गिर चुकी है। हालांकि अभी तक यह किसी व्यक्ति विशेष पर नहीं गिरी थी। ग्राउंड फ्लोर में ओपीडी के सामने ही कई बार फॉल सीलिंग गिरी लेकिन अब यह जानलेवा शाबित होने लगी है। ऐसा पहली बार हुआ है जब वार्ड में फॉल सीलिंग गिरी और मरीज प्रभावित हुए।
मंगलवार को नए अकादमिक भवन में गिरी थी फॉल सीलिंग
श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के सभी भवन गुणवत्ता को लेकर निशाने पर हैं। एक दिन पहले ही न्यू अकादमिक भवन में फॉल सीलिंग गिरने की घटना सामने आई थी। तब भी छात्र और डॉक्टर बच गए थे। इसके कुछ घंटे बाद ही सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में हादसा हो गया। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की बिल्डिंग निर्माण के साथ ही गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में रही। इसकी जांच भी कराई गई थी। जांच में भी बिल्डिंग गुणवत्ताहीन निकली थी। इसके बाद भी इसमें किसी तरह का सुधार कार्य नहीं कराया गया। अब इसी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
वार्डों से फॉल सीलिंग हटाया जाएगा
लगातार हो रही घटनाओं को लेकर प्रबंधन भी अब सकते में आ गया है। मरीजों की जान जोखिम में पड़ गई है। ऐसे में अब प्रबंधन पीडब्लूडी को पत्र लिखकर वाडों से फॉल सीलिंग हटाए जाने के संबंध में परामर्श लेगा। यदि फॉल सीलिंग हटाने से किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी तो वाडों से इसे हटा दिया जाएगा।
घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। गार्ड ने फॉल सीलिंग गिरते देख लिया था। सभी मरीजों को बाहर निकाल लिया गया था। जहां जहां फॉल सीलिंग गिर रही हैं। वहां नए सिरे से सुधार कार्य कराया जा रहा है। पीडब्लूडी को फॉल सीलिंग को हटाने को लेकर पत्र लिखा जाएगा।
डॉ. अक्षय श्रीवास्तव, अधीक्षक, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रीवा


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