मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में भवन विकास निगम के PMS 2.0 पोर्टल का शुभारंभ किया और इंजीनियर्स को आधुनिक विश्वकर्मा बताया। जानें निर्माण क्षेत्र के नए संकल्प और समझौतों के बारे में।
By: Ajay Tiwari
Feb 12, 20265:56 PM
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्माण क्षेत्र में एक नई क्रांति का आह्वान करते हुए कहा है कि भवन निर्माण केवल ईंट और पत्थर का जोड़ नहीं, बल्कि एक अभिनव कला है। भोपाल के रवीन्द्र भवन में आयोजित लोक निर्माण विभाग (PWD) और मध्य प्रदेश भवन विकास निगम की एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य की आवश्यकताओं को देखते हुए अब निर्माण कार्यों में कन्सेप्चुअल और क्वालिटेटिव एप्रोच (वैचारिक और गुणवत्तापूर्ण दृष्टिकोण) अपनाना अनिवार्य है।
मुख्यमंत्री ने उपस्थित अभियंताओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें "साक्षात् भगवान विश्वकर्मा का अवतार" बताया। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में लोक निर्माण विभाग ने अपनी कार्यशैली से एक विशिष्ट पहचान बनाई है। सांदीपनी विद्यालय जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स और प्रदेश भर में सड़क, पुल व स्टेडियम का जाल बिछाने में इंजीनियर्स की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर दिया कि बदलते समय की तकनीकों के साथ खुद को अपडेट रखने के लिए इस तरह की प्रशिक्षण कार्यशालाएं अत्यंत आवश्यक हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभाग को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए:
PMS 2.0 पोर्टल लाँच: भवन विकास निगम के 'प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम 2.0' का शुभारंभ किया गया, जो परियोजनाओं के डिजिटल प्रबंधन में मील का पत्थर साबित होगा।
ब्रोशर व मैनुअल का विमोचन: म.प्र. भवन विकास निगम के ब्रोशर और पुस्तकों के मैनुअल के साथ-साथ पीडब्ल्यूडी की प्रशिक्षण कार्ययोजना 2026-27 का भी विमोचन हुआ।
मास्टर प्लान: रोड नेटवर्क मास्टर प्लान और बजट मॉड्यूल के साथ न्यूज़ लेटर का प्रकाशन किया गया।
प्रदेश में निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश शासन ने देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ 4 एमओयू (MoU) किए हैं।
केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CRRI), नई दिल्ली
भारतीय राजमार्ग अभियंता अकादमी (IAHE), नई दिल्ली
आईआईटी मुंबई (IIT Bombay)
स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA), भोपाल
इंजीनियरिंग स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया (ESCI), हैदराबाद
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि विभाग अब ग्रीन बिल्डिंग मानकों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। 10 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले भवनों को पर्यावरण के अनुकूल बनाया जाएगा। इसके अलावा, ट्री शिफ्टिंग (वृक्ष प्रत्यारोपण) के लिए भी जल्द एक कार्यशाला आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि विभाग में 293 नए इंजीनियर्स की भर्ती को भी स्वीकृति मिल चुकी है।
प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग, श्री सुखबीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत @2047' के लक्ष्य को पूरा करने के लिए मध्य प्रदेश का गांव-गांव सड़कों से जोड़ा जा रहा है। कार्यशाला में करीब 2000 से अधिक अभियंता और तकनीकी अधिकारी शामिल हुए, जिन्हें विशेषज्ञों द्वारा आधुनिक निर्माण तकनीक और गुणवत्ता नियंत्रण का प्रशिक्षण दिया गया।