सतना के शासकीय विद्यालय में परीक्षा फॉर्म भरने की गलती से कक्षा 10 के छात्र का भविष्य संकट में पड़ गया। परिजनों ने प्रशासन से विशेष अनुमति देकर परीक्षा में शामिल कराने की मांग की।
By: Yogesh Patel
Feb 12, 20266:45 PM
हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
शिक्षा व्यवस्था की एक गंभीर लापरवाही ने कक्षा 10वीं के छात्र प्रांशु यादव के भविष्य पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। मामला शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नकैला (संस्था कोड 311080, डाइस कोड 23130319306) का है, जहां शैक्षणिक वर्ष 2025-26 में अध्ययनरत एक छात्र का फार्म भरने में विद्यालयीन शिक्षकों ने ऐसी लापरवाही बरती कि उसका भविष्य ही दांव पर लग गया। बुधवार को छात्र अपनी मां के साथ कलेक्टेÑट एवं जिला शिक्षाधिकारी कार्यालय पहुंचा और परीक्षा में शामिल करने की गुहार लगाई।
गैर जिम्मेदाराना अंदाज में हुआ सत्यापन
परिजनों का कहना है कि यदि प्राचार्य स्तर पर फार्मों का अंतिम सत्यापन जिम्मेदारी से किया जाता, तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। छात्र और उसके परिवार ने विद्यालय प्रशासन पर उदासीनता और गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। परिजनों ने मांग की है कि छात्रहित को सर्वोपरि रखते हुए विशेष अनुमति के आधार पर उसे वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित कराया जाए। परिवार का कहना है कि इस घटना से छात्र गहरे मानसिक तनाव में है। परीक्षा से वंचित होने की आशंका ने उसे आघात पहुंच गया है। एक ओर वर्षभर की मेहनत, दूसरी ओर प्रशासनिक चूक, इस दोहरे दबाव ने छात्र और परिवार को झकझोर दिया है।
क्या है मामला
जिला शिक्षा अधिकारी को बुधवार को छात्र प्रांशु की माता कल्पना यादव द्वारा लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई है। शिकायत में उल्लेख है कि परीक्षा फार्म भरने की प्रक्रिया में विद्यालय स्तर पर गंभीर चूक हुई, जिसका खामियाजा सीधे छात्र को भुगतना पड़ रहा है। परीक्षा फार्म भरने की गंभीर चूक के कारण छात्र वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षा से वंचित होने की स्थिति में पहुंच गया है। जानकारी के अनुसार प्रांशु यादव पिता रमेश यादव, सत्र 2025-26 में कक्षा 10वीं का नियमित छात्र ह ैं। परिजनों का आरोप है कि शिक्षक बृजेश सिंह चौहान ने परीक्षा फार्म भरने में लापरवाही बरती। चौंकाने वाली बात यह है कि जो दो बार 9वीं फेल हो चुका और पढ़ाई छोड़ दी है इस प्रांशु नाम के छात्र का नामांकन कक्षा 10 के लिए भरा गया, जबकि वास्तविक नियमित छात्र प्रांशु यादव का फार्म भरा ही नहीं गया। मामला तब उजागर हुआ जब प्रांशु प्रवेश पत्र लेने विद्यालय पहुंचा और सूची में अपना नाम न पाकर सन्न रह गया। आरोप है कि नाम के भ्रम में यह गंभीर त्रुटि हुई, लेकिन समय रहते न तो शिक्षक ने और न ही विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती पूजा सिंह भदौरिया ने इसकी पुष्टि की।
विभागीय कार्य की वजह से मैं जिले से बाहर हूं, किसी छात्र का बोर्ड परीक्षा से वंचित होना एक बड़ा मामला है। इस मामले को संज्ञान में लिया जाएगा।
गिरीश अग्निहोत्री, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, सतना/ मैहर