रीवा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में 13 करोड़ की एमआरआई मशीन दिन में जांच कर रही है, लेकिन रात में सुविधा बंद होने से मरीजों को निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है।
By: Yogesh Patel
Feb 12, 20266:49 PM
हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की एमआरआई अब फुल स्पीड में दौड़ने लगी है। यहां दिन में 20 से 22 एमआरआई हो रही है। मरीजों को राहत मिल रही है लेकिन रात में मरीज अब भी परेशान होते हैं। उन्हें प्राइवेट सेंटर ही जाना पड़ रहा। रात में जांच बंद हो जाती है। स्टाफ पर्याप्त हैं लेकिन नाइट ड्यूटी नहीं लग रही।
आपको बता दें कि मरीजों की सुविधा के लिए सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में 13 करोड़ की लागत से एमआरआई मशीन लगाई गई। इस मशीन के स्थापित होने डिप्टी सीएम ने शुभारंभ किया। शुभारंभ के बाद कई महीनों तक इसके शुरू होने का इंतजार होता रहा। जांच पहले टेक्नीशियन फिर डाई के कारण रुकी रही। फिर चली तो तकनीकी समस्या से मशीन जूझती रही। मरीज परेशान होते रहे। अब जाकर ठीक ठाक स्थिति में एमआरआई मशीन आई है। जांच फुल स्पीड में चल रही है। सिर्फ 12 घंटे ही मरीजों को इसका फायदा मिल रहा।
इन 12 घंटों में ही 20 से 22 मरीजों की जांच हो रही है। इस सुविधा से गरीबों को महंगी जांच से राहत मिल रही है। हालांकि रात की समस्या जस की तस बनी हुई है। यहां रात में ताला लग जाता है। जांच में यदि कोई मरीज एमरजेंसी में फंसता है तो उसे अब भी बाहर ही जाना पड़ता है।
5 टेक्नीशियन हैं पदस्थ फिर रात में जांच बंद
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक ही एमआरआई की जांच होती है। समय सुबह 9 बजे से जांच शुरू होने का है लेकिन यहां समय पर कर्मचारी नहीं पहुंचते। देरी से आते हैं। इसके बाद मशीन के चालू होने में ही एक से दो घंटे लग जाता है। इसके बाद जो समय बचता है। उसमें जांच होती है। वर्तमान समय में एमआरआई सेंटर में 5 टेक्नीशियन पदस्थ हैं। इसके बाद भी रात में जांच नहीं होती। इतने टेक्नीशियन होने के बाद भी रात के लिए स्टाफ कम पड़ रहे हैं।
खर्च के कारण टेक्नीशियन नहीं बढ़ा पा रहे
रात में सेवाएं शुरू करने के लिए सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के पास पर्याप्त टेक्नीशियन की कमी बताई जा रही है। अधिक टेक्नीशियन की नियुक्ति नहीं कर सकते। बजट का भी संकट बताया जा रहा है। टेक्नीशियन की नियुक्ति नहीं किए जाने से मरीजों को रात में प्राइवेट सेंटरों में ही जाना पड़ेगा।
पर्याप्त एमआरआई हो रही है। सुबह 9 से रात 9 बजे तक जांच होती है। रात में नहीं होती। पर्याप्त टेक्नीशियन नहीं है। वर्तमान में औसत 18 एमआरआई हो रही हैं।
डॉ अक्षय श्रीवास्तव, अधीक्षक
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रीवा