सतना कृषि उपज मंडी में कई प्रतिष्ठानों के लाइसेंस समाप्त होने के बावजूद कारोबार जारी रहने का मामला सामने आया। नियमों के उल्लंघन, संभावित राजस्व नुकसान और मंडी प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे।
सतना कृषि उपज मंडी में सुरक्षा व्यवस्था, निजी एजेंसी की तैनाती, नाकेदार की अनुपस्थिति और चक्रपद्धति के उल्लंघन पर गंभीर सवाल उठे हैं। वायरल वीडियो ने लापरवाही और जवाबदेही की बहस तेज कर दी।
सतना फल-सब्जी मंडी में किसानों के लिए बनाई गई पानी की टंकी वर्षों से बंद पड़ी है। अब बच्चे उस पर चढ़ रहे हैं, जिससे बड़े हादसे का खतरा बढ़ गया है और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
सतना कृषि उपज मंडी में पन्ना के किसान ने आरोप लगाया कि बिना अनुमति उसकी तिल बेच दी गई। भुगतान मांगने पर धमकियां मिलीं। शिकायत के बाद मंडी सचिव ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
वाराणसी के दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण के लिए मुस्लिम समुदाय ने दिखाई मिसाल। कॉरिडोर परियोजना के लिए मस्जिदों के हिस्सों को खुद हटाकर पेश की गंगा-जमुनी तहजीब की नई मिसाल।
सतना कृषि उपज मंडी में रिकॉर्ड आवक से कारोबार बढ़ा, लेकिन तुलाई में देरी, जाम, शेड की कमी, बारिश का खतरा और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से किसान एवं व्यापारी लगातार परेशान हैं।
कृषि उपज मंडियों में तुलाई व्यवस्था को लेकर किसानों ने पारदर्शिता की मांग उठाई है। वजन में अंतर, इलेक्ट्रॉनिक कांटों की विश्वसनीयता और नियमित सत्यापन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जिला अस्पताल परिसर में एम्बुलेंस पार्किंग संबंधी प्रशासनिक निर्देशों का पालन नहीं हो रहा। खोवा मंडी पार्किंग खाली रहने के बावजूद अस्पताल परिसर में कई एम्बुलेंस खड़ी मिलीं, जिससे व्यवस्था पर सवाल उठे।
सतना कृषि उपज मंडी में तिल, उड़द, तुअर और मूंग के भाव मजबूत रहे। किसानों को बेहतर कीमत मिली, जबकि दाल और खाद्य तेल की बढ़ती कीमतें उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ाने का संकेत दे रही हैं।
सतना कृषि उपज मंडी में एक लाइसेंसी तुलावटी ने प्रांगण प्रभारी पर पक्षपात, उत्पीड़न और प्रतिशोध के आरोप लगाए हैं। किसानों के हित में सुझाव देने के बाद बार-बार विवादित स्थान आवंटित किए जाने की शिकायत सामने आई।






















