सतना जिला अस्पताल की सीटी स्कैन मशीन 9 सितंबर से बंद पड़ी है। प्रतिदिन 50 से अधिक मरीज जांच न होने से लौट रहे हैं और कई को निजी संस्थानों में दोगुनी कीमत चुकानी पड़ रही है। अनुबंधित संस्था सिद्धार्थ सीटी स्कैन एंड एमआरआई सेंटर की लापरवाही पर जुर्माने की तैयारी की जा रही है।
मरीज अब दवाओं की कीमतों के संबंध में पारदर्शिता देख पाएंगे और उन्हें बार-बार अनावश्यक खर्च से बचाया जा सकेगा। सरकार का यह कदम स्वास्थ्य प्रणाली में पारदर्शिता लाने और आम जनता की वित्तीय सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
जीतन राम मांझी ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा आम लोगों की पहुंच से बाहर हैं। जानें, क्यों यह मुद्दा देश के लिए एक बड़ी चुनौती है।















