NTA जल्द ही UGC NET दिसंबर 2025-26 परीक्षा की प्रोविजनल उत्तर कुंजी जारी करेगा। 14 जनवरी तक परिणाम आने की संभावना, बिना नेगेटिव मार्किंग के जानें अपने संभावित अंक।
IIM CAT 2025 का रिजल्ट आज आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है। 2.58 लाख उम्मीदवारों का इंतजार खत्म, यहाँ देखें स्कोरकार्ड डाउनलोड करने का डायरेक्ट लिंक और स्टेप्स।
MPPSC फूड सेफ्टी ऑफिसर (FSO) भर्ती परीक्षा के एडमिट कार्ड 3 दिसंबर से mppsc.mp.gov.in पर उपलब्ध होंगे। जानें 14 दिसंबर को होने वाली परीक्षा के लिए डाउनलोड प्रक्रिया और केंद्र पर अनुमत/प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) वैश्विक स्तर पर डाउन हो गया है। यूजर्स को टाइमलाइन एक्सेस करने, फीड रिफ्रेश करने और पोस्ट लोड करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
AIBE 2025 (ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन) के एडमिट कार्ड BCI की आधिकारिक वेबसाइट allindiabarexamination.com पर जारी। जानें परीक्षा की तारीख, पैटर्न, पासिंग मार्क्स और डाउनलोड करने का आसान तरीका।
मध्यप्रदेश के मंडला जिले बीती रात एक बड़ा हादसा हो गया। मंडला-जबलपुर के बीच नेशनल हाईवे 30 पर बबैहा नाला पुल के पास एक ट्रक नाले में गिर गया। ट्रक अनियंत्रित होकर पुल की रेलिंग तोड़ते हुए नाले में जा गिरा।
राजस्थान के फलोदी में राष्ट्रीय राजमार्ग 11 पर देर रात हुआ दर्दनाक हादसा। भादू रेस्टोरेंट के पास खड़े मजदूरों से भरे टेंपो को डंपर ने टक्कर मारी। हादसे में 4 मजदूरों की मौत, 6 महिलाओं और 3 बच्चों समेत 12 घायल। मृतक और घायल मध्य प्रदेश के निवासी थे।
सतना जिले में वायरल फीवर का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। सबसे ज्यादा असर बच्चों पर देखा जा रहा है, जिनमें कोविड जैसे लक्षण पाए जा रहे हैं। जिला अस्पताल का पीकू वार्ड ओवरलोड हो गया है—20 बेड वाले वार्ड में 75 से ज्यादा बच्चे भर्ती हैं। कई बच्चों का बुखार पैरासिटामॉल से भी नहीं उतर रहा और एंटीबायोटिक डोज देनी पड़ रही है।
सरकार के 24 घंटे बिजली देने के दावों के बावजूद मनगवां शहर में 100 से ज्यादा बार बिजली ट्रिपिंग हो रही है। 17 कर्मचारियों के भरोसे 24 हजार उपभोक्ता हैं, और कई गांवों में महीनों से बिजली गुल है। ट्रांसफार्मर जलने, पोल गिरने और रात में तकनीकी स्टाफ के अभाव ने उपभोक्ताओं को आंदोलन की राह पर ला दिया है।
सीधी जिले में अधिकांश स्कूल वाहन सुरक्षा मापदंडों की अनदेखी करते हुए चल रहे हैं। ऑटो, मैजिक व अनफिट बसों में छोटे बच्चों को ठूंस-ठूंसकर बैठाया जा रहा है। प्रशासनिक निरीक्षण का अभाव और राजनैतिक संरक्षण से कार्रवाई रुकी हुई है।






















