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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा-हालांकि लिव-इन रिलेशनशिप का कान्सेप्ट समाज में सभी को स्वीकार्य नहीं है, लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि ऐसा रिश्ता गैरकानूनी है अथवा शादी बिना साथ रहना अपराध है। मनुष्य के जीवन का अधिकार बहुत ऊंचे दर्जे पर है, भले ही कोई जोड़ा शादीशुदा हो या शादी की पवित्रता बिना साथ रह रहा हो।
By: Arvind Mishra
Dec 18, 20251:20 PM

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राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा-दो बालिग अपनी मर्जी से लिव-इन में रह सकते हैं। भले ही उनकी विवाह योग्य उम्र के न हो। कोटा के 18 वर्षीय युवती और 19 वर्षीय युवक की सुरक्षा याचिका पर कोर्ट ने कहा कि लिव-इन प्रतिबंधित नहीं है। पुलिस दोनों को सुरक्षा मुहैया कराए।
By: Arvind Mishra
Dec 05, 202512:43 PM
