सतना जिले के 59 गांव अधूरे प्रशासनिक बंटवारे की मार झेल रहे हैं। राजस्व कार्य रामपुर बाघेलान तहसील में और पंचायत कार्य अमरपाटन जनपद में होने से ग्रामीण परेशान हैं। योजनाओं का लाभ भी अधर में अटका हुआ है।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
बंटवारा हमेशा ही दुखदाई और परेशानी भरा होता है उस पर भी बंटवारा जब आधा अधूरा हो तो वह और भी परेशानी का कारण बन जाता है। 24 पंचायतों की उन 59 गांवों की लगभग 30 हजार से ज्यादा की आबादी की यही हाल है जिन्हें मैहर जिले की अमरपाटन तहसील से अलग कर कुछ साल पहले रामपुर बाघेलान तहसील में जोड़ दिया गया था। आधे- अधूरे बंटवारे का दंश इन पंचायतों के लोग आज भी भोग रहे हैं। कुल मिलाकर ये लोग दो जिलों के भंवर में उलझ कर रह गए हैं। इन्हें भंवर में उलझाने वाला कोई और नहीं बल्कि प्रशासनिक अमला है। दरअसल, जब अमरपाटन तहसील में आने वाले इन गांवों को अमरपाटन से अलग कर रामपुर बाघेलान तहसील में जोड़ा गया था, उस समय तहसील व थाना तो रामपुर बाघेलान में जोड़ दिया गया था, लेकिन जनपद क्षेत्र आज भी इन गांवों के लोगों का अमरपाटन ही है, ऐसे में राजस्व से जुड़े कार्यों के लिए रामपुर बाघेलान तहसील आने वाले लोगों को पंचायती राज से जुड़े कार्यों को लेकर अमरपाटन जनपद का सफर करना पड़ता है। रामपुर तहसील और अमरपाटन जनपद के चक्कर लगाकर हार चुके लोगों की मांग है कि राजस्व और जनपद क्षेत्र उनका एक ही कर दिया जाए ताकि परेशानियों से मुक्ति मिल सके।
जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ में हो रही असुविधा
तहसील और जनपद अलग-अलग होने की वजह से 24 पंचायतों की लगभग तीस हजार से ज्यादा की इस आबादी को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ पाने में भी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है।
दरअसल, आज सभी योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया और लाइन से होकर गुजरती है पर इन गांवों के लोगों के आवेदन ही आॅनलाइन पोर्टल पर नहीं ले रहे हैं जिससे इन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि इन पंचायतों के वासिंदों की समस्याओंं के निराकरण के लिए रामपुर बाघेलान विधायक ने राज्य सरकार को पत्र लिखा है तो मैहर जिला प्रशासन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था की गई है कि लोकसभा के पोर्टल पर इन गांवों के लोगों के आवेदन स्वीकार हों और इनकी समस्याओं का निराकरण हो सके।
इन पंचायतों के लोग कर रहे समस्या का सामना
जनपद पंचायत अमरपाटन और तहसील रामपुर बाघेलान की जिन 24 पंचायतों के 59 गांवों के लोगों को राजस्व व जनपद से जुड़े कार्यों को लेकर अलग-अलग क्षेत्रों (रामपुर तहसील, अमरपाटन जनपद) में भटकना पड़Þता है, इन पंचायतों में अहिरगांव, उमरी शिवराजी, ऐरा, ककलपुर, लामी करही, केमार, कोरिगवां, खुटहा, झिरिया कोपरियान, त्योंधरा -2, त्योंधरी, दिनापुर, देऊ, पगरा, पाल, पैपखरा, बछरा, बेला, मढा, महुडर, मौहारी कटरा, रुहिया, सिलपरी एवं सेमरिया के गांव शामिल हैं।
लोगों की समस्याओं को देखते हुए सरकार को समाधान के लिए पत्र लिखा गया था, कि अमरपाटन तहसील से अलग करके जिन 24 पंचायतों के 59 गांवों को रामपुर बाघेलान तहसील में जोड़ा गया है, उनका जनपद क्षेत्र भी रामपुर बाघेलान किया जाए। राज्य सरकार ने इससे जुड़ा प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेज दिया है, परिसीमन के दौरान सभी गांवों का ब्लाक रामपुर बाघेलान कर दिया जाएगा जिससे आने वाले समय में लोगों के तहसील और जनपद स्तर की सभी समस्याओं का समाधान रामपुर बाघेलान से हो सकेगा।
विक्रम सिंह विक्की, विधायक रामपुर बाघेलान
तहसील व जनपद से जुड़े कार्यों में अलग-अलग क्षेत्रों के चलते लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए फिलहाल लोक सेवा पोर्टल में यह व्यवस्था की गई है कि इन सभी 59 गांवों के लोगों का आवेदन लोक सेवा पोर्टल में स्वीकार हो और लोगों की समस्या का समाधान हो। ग्राम पंचायत के कोड के कारण समस्या आ रही थी जिसके निराकरण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
शैलेन्द्र सिंह, एडीएम मैहर

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